बैतूल, सुरेन्द्र बावने। जिले के चिचोली विकासखंड में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'शिक्षा संजीवनी अभियान' का0 संचालन किया जा रहा है। जिला कलेक्टर के विशेष निर्देशों के तहत शुरू किए गए इस अभियान के माध्यम से क्षेत्र के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई का स्तर और अधिक बेहतर हो सके।
जनसहयोग से साकार हो रहा संकल्प डिप्टी कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रश्मि कोसारे ने अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि शिक्षा संजीवनी अभियान का मूल उद्देश्य जनभागीदारी और जनसहयोग के माध्यम से शैक्षणिक सुविधाओं में सुधार लाना है। समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अमले के मिले-जुले प्रयासों से अब स्कूलों की तस्वीर बदलने लगी है। इसी कड़ी में एक दर्जन से अधिक स्कूलों के लिए डेस्क-बेंच की व्यवस्था की गई है, जिससे विद्यार्थियों को अब जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में वाहनों को दिखाई हरी झंडी इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. वर्षा मालवीय, उपाध्यक्ष वर्षा संजय आवलेकर, वरिष्ठ नेता अनिल सिंह कुशवाह, शिक्षाधिकारी ज्वाला प्रसाद प्रजापति, बीआरसी नीरज गलफट, प्राचार्य रमेश किंकरकर और आरएस माली ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी अतिथियों ने अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया। इस दौरान डेस्क-बेंच से भरे हुए पिकअप वाहनों को विधिवत हरी झंडी दिखाकर चिचोली विकासखंड के विभिन्न स्कूलों के लिए रवाना किया गया।
विद्यार्थियों के भविष्य के लिए मिलेंगी बेहतर सुविधाएं चिचोली विकासखंड के चिन्हित एक दर्जन से अधिक विद्यालयों में इन सामग्रियों के वितरण से स्कूलों की अधोसंरचना में काफी मजबूती आएगी। शिक्षाविदों और स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इस प्रकार के अभियानों से न केवल विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ेगी, बल्कि उन्हें आरामदायक और अनुशासित शैक्षणिक माहौल भी प्राप्त होगा, जिससे उनका भविष्य उज्ज्वल हो सकेगा।















