चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए सीट बंटवारे को एआईएडीएमके और भाजपा अंतिम रूप देने के करीब हैं। इसके मुताबिक एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के हिस्से के रूप में भाजपा के 29 सीटों पर चुनाव लड़ने की संभावना है।
हालांकि गठबंधन के साझेदारों के बीच औपचारिक बातचीत अभी शुरू नहीं हुई है, लेकिन एआईएडीएमके और भाजपा के सूत्रों ने कहा कि अनौपचारिक चर्चाओं के माध्यम से सीट बंटवारे के फार्मूले की व्यापक रूपरेखा पहले ही तैयार कर ली गई है।
जानकारी के अनुसार भाजपा को 29 निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किए जा सकते हैं, पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) को लगभग 18 सीटें मिल सकती हैं, जबकि टीटीवी दिनाकरन की अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) को गठबंधन फॉर्मूले के तहत नौ सीटें दिए जाने की उम्मीद है।
एआईएडीएमके के एक वरिष्ठ नेता ने पुष्टि की कि दोनों पार्टियां व्यापक रूप से ढांचे पर सहमत हो गई हैं और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की 11 मार्च को तिरुचिरापल्ली में होने वाली रैली के बाद आधिकारिक वार्ता होने की संभावना है।
एआईएडीएमके के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "रैली के बाद 14 मार्च को सीट बंटवारे पर औपचारिक चर्चा होने की उम्मीद है।" इससे पहले बातचीत के दौरान, गठबंधन की चर्चाओं में शामिल केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भाजपा के लिए लगभग 60 सीटों की मांग रखी थी। पार्टी ने बाद में अपनी मांग घटाकर 30 सीटें कर दी।
भाजपा को 29 सीटों पर समझौता करने के लिए राजी करने के लिए एआईएडीएमके नेताओं ने अपने सहयोगी दल को आश्वासन दिया है कि उसे ऐसे निर्वाचन क्षेत्र दिए जाएंगे जो पार्टी की संभावनाओं के लिए अनुकूल माने जाते हैं।
एआईएडीएमके सूत्रों ने सीट बंटवारे की व्यवस्था को अंतिम रूप देने में देरी का कारण भाजपा द्वारा अभिनेता-राजनेता विजय की टीवीके पार्टी को एनडीए में शामिल करने के चल रहे प्रयासों को भी बताया।
यदि ये प्रयास सफल होते हैं तो मौजूदा गठबंधन सहयोगियों के बीच सीटों के बंटवारे में संशोधन करना पड़ सकता है। फिलहाल, एआईएडीएमके 234 सदस्यीय विधानसभा में लगभग 170 सीटों पर चुनाव लड़ने का लक्ष्य बना रही है।
जहां एएमएमके ने कथित तौर पर 13 निर्वाचन क्षेत्रों की मांग की थी, वहीं एआईएडीएमके नेतृत्व ने शोलिंगुर, अंदीपत्ती, ओट्टापिडारम, नांगुनेरी, पुदुक्कोट्टई, हरूर, मेलूर, पापनासम और मुसिरी सहित नौ सीटों के आवंटन का प्रस्ताव रखा है।
प्रस्तावित फार्मूले के तहत, छोटे सहयोगी दलों को भी सीमित प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है। जीके वासन की तमिल मानिला कांग्रेस, बी. जॉन पांडियन की तमिझा मक्कल मुन्नेत्र कज़गम और टी. आर. पारिवेंधर की इंडिया जननायगा कत्वी जैसी पार्टियों को दो-दो सीटें आवंटित किए जाने की संभावना है।
गठबंधन के नेता इस बात पर भी चर्चा कर रहे हैं कि क्या छोटी पार्टियों को एआईएडीएमके के 'दो पत्ती' चिन्ह पर चुनाव लड़ना चाहिए ताकि उनकी जीत की संभावना बढ़ सके। हालांकि माना जाता है कि भाजपा ऐसे उम्मीदवारों को अपने 'कमल' चिन्ह के तहत मैदान में उतारने के पक्ष में है।
इन मुद्दों पर अंतिम निर्णय गठबंधन के साझेदारों के बीच औपचारिक वार्ता के दौरान लिया जाएगा।
--आईएएनएस
एसएके/पीयूष
एआईएडीएमके-भाजपा में सीट शेयरिंग फॉर्मूला तय, भाजपा को मिल सकती हैं 29 सीटें
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Saurabh Shukla
11 अक्टूबर 2026, 08:49 pm IST
Saurabh Shukla11 अक्टूबर 2026, 08:49 pm IST
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