सतना/रामपुर बाघेलान, मुकेश त्रिपाठी। रामपुर बाघेलान नगर परिषद में वाहन किराए पर लेने के मामले में वित्तीय अनियमितता सामने आई है। आरटीआई एक्टिविस्ट प्रशांत त्रिपाठी द्वारा प्राप्त ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2023-24 के बीच एक निजी वाहन के उपयोग पर 9 लाख 87 हजार 955 रुपये का भुगतान किया गया। ऑडिट आपत्ति क्रमांक 15 में वाहन की पात्रता और भुगतान के लिए सक्षम स्वीकृति को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
टैक्सी परमिट के बजाय निजी वाहन का इस्तेमाल
ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, नगर परिषद में वाहन क्रमांक MP19 CC 2152, जो कुशवाहा ट्रेवल्स, रामपुर बाघेलान से संबंधित बताया गया है, का किराए पर उपयोग किया गया। रिपोर्ट में उल्लेख है कि वाहन की पात्रता को लेकर निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। ऑडिट टीम ने 13 अप्रैल 2020 से 20 मार्च 2024 तक के भुगतान अभिलेखों की जांच में 45 किस्तों में 19,257 रुपये से 44,982 रुपये तक के मासिक भुगतान दर्ज पाए।
9.87 लाख रुपये की वसूली की अनुशंसा
ऑडिट रिपोर्ट में निर्देश दिया गया है कि संबंधित भुगतान के लिए सक्षम स्वीकृति प्रस्तुत की जाए। ऐसा नहीं होने पर 9,87,955 रुपये की राशि जिम्मेदार संबंधितों से वसूल कर नगर परिषद के खाते में जमा कराने की अनुशंसा की गई है। इस आपत्ति के सामने आने के बाद परिषद की वित्तीय प्रक्रिया और अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं।
मुद्रण और विद्युत सामग्री की खरीदी पर भी सवाल
ऑडिट के बिंदु क्रमांक 16 में मुद्रण एवं विद्युत सामग्री की खरीदी को लेकर भी अनियमितता का उल्लेख किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मद में अनुमानित लागत से 76 लाख 17 हजार 101 रुपये अधिक भुगतान का मामला सामने आया है। रिपोर्ट में 41 प्रतिशत से 209 प्रतिशत तक अधिक भुगतान का उल्लेख होने का दावा किया गया है।
आरटीआई के माध्यम से सामने आए इन तथ्यों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, भुगतान की अंतिम जिम्मेदारी तय करने और अनियमितताओं की पुष्टि के लिए संबंधित अभिलेखों, सक्षम स्वीकृति तथा जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष सामने आना आवश्यक है।














