उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित चिमनगंज थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मिलने के बहाने बुलाकर छात्रा को एक कमरे में ले जाकर वारदात को अंजाम देने का आरोप है। पीड़िता के बयान और मेडिकल जांच के बाद पुलिस ने दर्ज अपहरण की एफआईआर में सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धाराएं बढ़ा दी हैं। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
26 सितंबर को लापता हुई थी छात्रा, लौटने पर खुला मामला
पुलिस के मुताबिक, नाबालिग छात्रा 26 सितंबर को अचानक अपने घर से लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर चिमनगंज थाना पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। कुछ दिनों बाद जब छात्रा घर लौटी, तो परिजनों ने उसके व्यवहार में भारी बदलाव देखा। वह काफी डरी और सहमी हुई थी। परिजनों द्वारा प्यार से पूछताछ करने पर छात्रा ने अपने साथ हुई दरिंदगी की पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिजन तुरंत पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस को पूरी बात बताई।
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मिलने के बहाने बुलाकर जीवाजीगंज के कमरे में ले गए आरोपी
पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में पूरी घटना का विवरण दिया है: छात्रा की पहचान एक परिचित छात्र से थी। 26 सितंबर को उसने मिलने के बहाने छात्रा को बुलाया और पहले अपने घर ले गया। इसके बाद आरोपी उसे जीवाजीगंज क्षेत्र स्थित एक दोस्त के कमरे पर ले गया, जहां पहले से ही अन्य युवक मौजूद थे। वहां आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
मेडिकल जांच के बाद बढ़ीं पॉक्सो की धाराएं, 2 गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया। चिमनगंज थाना प्रभारी के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट और छात्रा के बयानों के आधार पर केस में पॉक्सो एक्ट और सामूहिक दुष्कर्म की धाराएं जोड़ी गईं। पुलिस ने दबिश देकर मामले में शामिल दो आरोपियों को पकड़ लिया है। इनमें से एक बालिग आरोपी को जेल भेज दिया गया है, जबकि एक नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेजा गया है। मामले में कुल पांच आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। बाकी तीन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
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इन बिंदुओं पर केंद्रित है पुलिस जांच
नाबालिग पीड़िता से जुड़ा मामला होने के कारण कानून के मुताबिक उसकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी गई है। फिलहाल पुलिस जांच एजेंसियां निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर काम कर रही हैं: घटनास्थल (जीवाजीगंज स्थित कमरे) की फॉरेंसिक जांच और आरोपियों के बीच डिजिटल/कॉल डिटेल संपर्क की पड़ताल की जा रही है। तीन फरार आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर घटना की सभी कड़ियों को जोड़ना पुलिस की पहली प्राथमिकता है। पुलिस गिरफ्तार और संदिग्ध आरोपियों की सही उम्र व भूमिका की वैधानिक जांच पूरी कर कोर्ट के समक्ष मजबूत चार्जशीट पेश करने की तैयारी में जुटी है।











