नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में देश का मान बढ़ाकर लौटे भारतीय दल से गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में मुलाकात की। एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वालीं लवलीना बोरगोहेन ने कहा कि प्रधानमंत्री से मिलने का मौका कोई भी नहीं खोना चाहता। उन्होंने कहा कि हम सभी खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि ऐसे पीएम हमें मिले हैं।लवलीना ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "'जब भी हम किसी बड़ी प्रतियोगिता या खेलों से मेडल जीतकर लौटते हैं, तो वह हमेशा बहुत खास होता है। यह एक बहुत ही शानदार पल होता है। आज प्रधानमंत्री ने जिस तरह से बात की और वहां जितने युवा खिलाड़ी मौजूद थे, उसे देखते हुए यह हर खिलाड़ी के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण दिन बन गया। प्रधानमंत्री से मिलना एक ऐसा मौका है जिसे कोई भी नहीं छोड़ना चाहेगा। आने वाले खेलों जैसे कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और भारत में ओलंपिक की मेजबानी करने की संभावना को लेकर उनका विजन वाकई बहुत भव्य है।"

लवलीना ने कहा, "खेलों में काफी बदलाव आ रहे हैं और वो हम सभी को दिख रहा है। यह सब कुछ पीएम मोदी के सपोर्ट से ही हो रहा है। हम खुद को बहुत ज्यादा भाग्यशाली मानते हैं कि हमें ऐसे प्रधानमंत्री मिले हैं। मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लगा।" लवलीना ने कहा कि सरकार स्पोर्ट्स सेक्टर पर काफी ध्यान दे रही है और इसी का नतीजा है कि कॉमनवेल्थ गेम्स और फिर अब एशियन गेम्स में इतने मेडल आए हैं। उन्होंने बताया कि एशियन गेम्स में भी कई बड़े रिकॉर्ड्स बने हैं, जो अच्छी बात है।"

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा,"प्रधानमंत्री ने आज कई खिलाड़ियों से मुलाकात की और विशेष रूप से हॉकी का जिक्र किया। उन्होंने 44 साल बाद भारतीय महिला हॉकी टीम की उपलब्धि पर प्रकाश डाला, उन्हें बधाई दी और बताया कि कैसे इन महिलाओं ने शानदार प्रदर्शन करके 44 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया। सच कहें तो पिछले 6-7 महीनों में महिला टीम का प्रदर्शन अविश्वसनीय रहा है। जैसा कि पिछले विश्व कप में देखा गया, उन्होंने कई वर्षों बाद 5वां स्थान हासिल किया। इसके अलावा, एशियन गेम्स में उन्होंने टॉप रैंक वाली चीन टीम को हराया, जो ओलंपिक में सिल्वर मेडल विजेता थी और जिसे एशिया की सबसे बेहतरीन टीमों में से एक माना जाता है।"

पीएम मोदी से हुई मुलाकात को लेकर गोल्ड मेडलिस्ट भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने कहा, "हमें बहुत खुशी है कि हमारा देश हमें इतना सपोर्ट करता है। प्रधानमंत्री समय-समय पर हमारा हौसला बढ़ाते रहते हैं। खेलों के लिए उन्होंने जो कुछ भी किया है, वह वाकई तारीफ के काबिल है। टॉप्स स्कीम और खेलो इंडिया स्कीम जैसी पहलों से हमें काफी मदद मिलती है। उदाहरण के लिए टॉप्स एथलीट के तौर पर हमें विदेश में ट्रेनिंग का मौका, जरूरी उपकरण या ट्रेनिंग से जुड़ी कोई भी चीज चाहिए हो, तो वह सब मिल जाता है। इसके साथ ही हमें पॉकेट मनी भी मिलती है।"

वहीं, एशियन गेम्स 2026 में दो ब्रॉन्ज मेडल जीतने वालीं स्कीट शूटर परिनाज कौर धालीवाल ने कहा, "सबसे पहले मैं बहुत-बहुत धन्यवाद कहना चाहूंगी। सभी एथलीटों और पदक विजेताओं की ओर से आज हमें यहां आमंत्रित करने और व्यक्तिगत रूप से हमसे मिलने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं समझती हूं कि प्रधानमंत्री के पास निश्चित रूप से बहुत सारे जरूरी काम होंगे, हालांकि, सर, समय निकालकर हमसे मिलने और हमें इतनी अहमियत देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद, यह वाकई बहुत शानदार है। मुझे लगता है कि कभी-कभी हमें भी इस तरह के सम्मान की चाह होती है और जब हमें ऐसा सम्मान मिलता है तो बहुत अच्छा लगता है।"

अनुभवी भारतीय हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया ने भी पीएम मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा, "जब भी प्रधानमंत्री हमसे मिलते हैं। प्रतियोगिताओं में जाने से पहले हमें शुभकामनाएं देते हैं और वापस आने पर हमसे व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए समय निकालते हैं तो बहुत अच्छा लगता है। यह वाकई बहुत सुखद अनुभव होता है। आज एक हॉकी खिलाड़ी के तौर पर मैं कह सकती हूँ कि जिस तरह से उन्होंने महिला और पुरुष दोनों हॉकी टीमों की सराहना की उससे पता चलता है कि भारत में हॉकी का भविष्य बहुत उज्ज्वल है।"