पटना। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर है। कई कलाकार उनके काम के साथ-साथ समाज में उनके योगदान को भी याद कर रहे हैं। गायक पवनदीप राजन ने भी नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी और कहा कि नाना भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में और उनसे मिली सीख आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।आईएएनएस से बातचीत में पवनदीप राजन ने कहा, ''हमारे बीच के बड़े कलाकार नाना पाटेकर हमसे काफी दूर चले गए हैं। ये तो विधि का विधान है, ऐसा सबके साथ होना ही है। उनके जाने के बाद ऐसा महसूस नहीं होता कि वह हमेशा के लिए दुनिया से चले गए हैं। उनकी फिल्मों को देखने पर ऐसा लगता है, जैसे वह आज भी हमारे बीच मौजूद हैं।''

उन्होंने आगे कहा, ''नाना पाटेकर लोगों के दिलों में हमेशा अमर रहेंगे। उन्होंने केवल अपना शरीर त्यागा है, लेकिन उनका काम और उनकी यादें हमेशा जीवित रहेंगी।''

पवनदीप ने नाना पाटेकर के व्यक्तित्व के उस पहलू का भी जिक्र किया जो उन्हें आम लोगों से जोड़ता था। उन्होंने कहा, "नाना आम इंसान की तरह रहते थे और उन्हें खेती करना पसंद था। खेती से उनका लगाव उनके सादगी भरे स्वभाव को दिखाता है। युवाओं ने नाना से काफी कुछ सीखा है और आने वाली पीढ़ियां भी उनके जीवन और काम से बहुत कुछ सीखेंगी।"

बता दें कि नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उन्होंने साल 1978 में आई फिल्म 'गमन' से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने 'अंकुश', 'परिंदा', 'प्रहार', 'क्रांतिवीर', 'तिरंगा', 'अपहरण', 'टैक्सी नंबर 9211', और 'वेलकम' जैसी फिल्मों में शानदार काम किया। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। नाना पाटेकर को साल 1991 में पद्मश्री से नवाजा गया था। इसके अलावा, मीरा नायर की फिल्म 'सलाम बॉम्बे!' ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।