दतिया। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध दतिया जिले स्थित पंडोखर धाम के संत गुरुशरण शर्मा (पंडोखर सरकार) और पिछड़ा वर्ग महासभा के नेता दामोदर यादव के बीच जुबानी जंग तीखी हो गई है। दामोदर यादव द्वारा बागेश्वर धाम और पंडोखर सरकार जैसे दिव्य दरबार लगाने वाले संतों पर टिप्पणी करने और 'पर्चा निकालने वालों को दंडे मारकर पंडाल खाली कराने' वाले बयान पर पंडोखर सरकार ने बेहद कड़ा और आक्रामक पलटवार किया है।
'दम है तो आकर मारो दंडे, इतना खदेड़ा जाएगा कि पता नहीं चलेगा'
दामोदर यादव की चुनौती पर प्रतिक्रिया देते हुए पंडोखर सरकार ने कड़े शब्दों में कहा: "जो कहता है कि पर्चा निकालने वालों को दंडे मारो और उनका पंडाल खाली करा दो, अगर उसमें दम है तो आकर मार के देखे दंडे! इतना खदेड़ा जाएगा कि पता भी नहीं चलेगा।" उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, "तुम हमारा कुछ नहीं उखाड़ पाओगे। हम कोई बच्चे नहीं हैं, तुम्हारा पाला इस बार पंडोखर सरकार से पड़ा है।"
'पर्चे तो पंडोखर धाम में बनते हैं और बनते रहेंगे'
दिव्य दरबार और पर्चा बनाने की व्यवस्था पर उठ रहे सवालों पर पंडोखर सरकार ने स्पष्ट किया: "रहा सवाल पर्चे का, तो पर्चे तो पंडोखर धाम में बनते हैं और आगे भी बनते ही रहेंगे। जिसमें हिम्मत और दम हो, रोक सकता हो तो रोक ले।" उन्होंने दरबार की कार्यप्रणाली समझाते हुए कहा कि उनके दरबार के कुछ नियम हैं, जिन्हें सभी को फॉलो करना होता है; जैसे पहले टोकन लेना पड़ता है। उन्होंने खुला दावा किया, "टोकन लेकर आओ, अगर मैं तुम्हारे बारे में न बता पाया तब कहना! मैं पहली ही कलम में वही लिखूंगा, जो तुम मन में पूछने आए हो।"
विवाद का पृष्ठभूमि
मध्य प्रदेश में बीते कुछ समय से अंधविश्वास, पाखंड और कथित चमत्कारिक पर्चा व्यवस्था को लेकर कुछ सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के नेता लगातार सवाल उठा रहे हैं। दामोदर यादव ने हाल ही में कथावाचकों और पर्चा निकालने वाले धामों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए जनता से विरोध करने का आह्वान किया था, जिसके बाद पंडोखर सरकार का यह तीखा बयान सामने आया है।

















