काबुल। अफगानिस्तान में पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा समर्थित और प्रशिक्षित आतंकवादियों की सीमा पार घुसपैठ की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इस बीच तालिबान ने एक बार फिर अफगानिस्तान के भीतर अशांति पैदा करने के लिए इस्लामाबाद की कड़ी निंदा की है। काठमांडू स्थित हमराकुरा की एक रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में तालिबान ने कहा कि उसकी सेना ने नूरिस्तान में 41 आतंकवादियों को मार गिराया और 62 अन्य को पकड़ा है, जो आईएसआईएस से जुड़े समूहों से संबंधित थे और पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा समर्थित थे।

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि आतंकवादियों ने पाकिस्तानी सेना के "प्रत्यक्ष मार्गदर्शन और सहयोग" से अफगानिस्तान में घुसपैठ करने की कोशिश की।

अमेरिका ने भी पाकिस्तान पर हक्कानी नेटवर्क, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) को अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती के दौरान हमले करने की अनुमति देने का आरोप लगाया है। तत्कालीन अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स के अध्यक्ष एडमिरल माइक मुलेन ने कहा था, "हक्कानी नेटवर्क, एक तरह से, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी की एक वास्तविक शाखा के रूप में कार्य करता है।"

भारत वर्षों से पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद, जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ और देश भर में बम विस्फोटों व हत्याओं को अंजाम देने में मदद करने का आरोप लगाता रहा है। भारत ने कई बार पाकिस्तान के सरकारी तत्वों की सक्रिय संलिप्तता के ठोस सबूत पेश किए हैं। पिछले साल अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में, भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ढांचे को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए थे।

ईरान ने भी पाकिस्तान पर सीमा पार हमले करने वाले ईरान विरोधी तत्वों का समर्थन करने का आरोप लगाया है। तेहरान ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) पर आतंकवादियों का समर्थन करने का भी आरोप लगाया है।

जांच में यूरोप में हुए आतंकवादी हमलों और पाकिस्तान स्थित संगठनों के बीच संबंध का पता चला है। यूरोप ने पाकिस्तान को आतंकवाद के लिए सुरक्षित पनाहगाह के रूप में मान्यता दी है, और यूरोपीय संघ शरण एजेंसी (ईयूएए) ने आईएसआई और एलईटी के बीच "मजबूत" संबंध दर्ज किया है, जिसका उल्लेख हमराकुरा की रिपोर्ट में किया गया है।

हमराकुरा ने एक रिपोर्ट में कहा, "यह विडंबना है कि पाकिस्तान पर अफगानिस्तान में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने का आरोप लगा है, जिसे वह पहले आतंकवाद का स्रोत कहता था। पाकिस्तान में सरकार ने पड़ोसियों के खिलाफ रणनीतिक साधन के रूप में आतंकवाद का इकोसिस्टम स्थापित किया। हालांकि, वही आतंकवादी इकोसिस्टम पाकिस्तान के ही खिलाफ हो गया। सुरक्षा नीति के साधन के रूप में आतंकवादी नेटवर्कों के संस्थागतकरण ने पाकिस्तान को आतंकवाद और सीमा पार घुसपैठ का स्रोत और निर्यातक बना दिया है।"