वाशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बुधवार को मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह नतीजा लोगों को बांटने वाली राजनीति के खिलाफ एक मजबूत संदेश है। साथ ही उन्होंने डेमोक्रेट्स से अपील की कि वे कांग्रेस में अपने नए बहुमत का इस्तेमाल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन पर निगरानी रखने, लोगों की समस्याओं का हल निकालने और देश के बेहतर भविष्य की तैयारी के लिए करें।

ओबामा चुनाव प्रचार के आखिरी दिनों में कई अहम राज्यों में डेमोक्रेट उम्मीदवारों के समर्थन में मैदान में उतरे थे। उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट दोनों में डेमोक्रेट्स को बहुमत देकर एक साफ संदेश दिया है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर लिखा, "आज रात अमेरिकी जनता ने साफ संदेश दिया है।" ओबामा ने कहा कि लोग ऐसी राजनीति चाहते हैं जो समाज को जोड़ने का काम करे, न कि लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करे।

दो बार राष्ट्रपति रह चुके डेमोक्रेटिक नेता ओबामा ने इस जीत का श्रेय उन उम्मीदवारों को दिया, जिन्होंने देशभर में चुनाव लड़ा, यहां तक कि उन राज्यों में भी जहां आमतौर पर रिपब्लिकन पार्टी का दबदबा माना जाता है। ओबामा ने कहा कि इन उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि और राजनीतिक विचार भले अलग-अलग रहे हों, लेकिन सभी का मकसद जनता की सेवा करना और अपने क्षेत्रों के लोगों के हितों की रक्षा करना था। उन्होंने चुनाव संपन्न कराने में योगदान देने वाले अधिकारियों और दोनों प्रमुख पार्टियों के स्वयंसेवकों का भी धन्यवाद किया।

भविष्य की ओर देखते हुए ओबामा ने कहा कि अब डेमोक्रेट्स को मेहनत से काम करना होगा। उनके मुताबिक, पार्टी को अपने नए राजनीतिक अधिकार का इस्तेमाल सकारात्मक बदलाव लाने, प्रशासन से होने वाले नुकसान को सीमित करने और आने वाले समय की तैयारी के लिए करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव में ओबामा के समर्थन वाले कई उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।

ओहायो में ओबामा ने 24 अक्टूबर को क्लिवलैंड में डेमोक्रेटिक गवर्नर उम्मीदवार एमी एक्टन और पूर्व सीनेटर शेरोड ब्राउन के लिए प्रचार किया था। मंगलवार को दोनों उम्मीदवार चुनाव जीत गए।

एमी एक्टन ने भारतीय मूल के रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी को हराया। रामास्वामी को ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का खुला समर्थन मिला हुआ था। वहीं, शेरोड ब्राउन ने रिपब्लिकन सीनेटर जॉन हस्टेड को हराया। क्लिवलैंड की रैली में ओबामा ने कहा था कि यह चुनाव मतदाताओं के लिए लोकतांत्रिक तरीके से सरकार को जवाबदेह बनाने का अवसर है।

उन्होंने कहा, "यह व्यवस्था के भीतर एक सर्किट ब्रेकर की तरह है।" उनका कहना था कि कांग्रेस की जवाबदेही तय करना और परिवारों के बढ़ते खर्चों से जुड़े मुद्दों का समाधान करना चुनाव के प्रमुख विषय थे। ओबामा ने रामास्वामी के एक चुनावी विज्ञापन की भी आलोचना की, जिसमें एमी एक्टन की अलग रह रही मां को दिखाया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि सार्वजनिक पद के उम्मीदवारों से किस तरह के व्यवहार की उम्मीद की जानी चाहिए।

उसी दिन ओबामा डेट्रॉइट पहुंचे, जहां उन्होंने डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार अब्दुल एल-सैयद और गवर्नर पद की उम्मीदवार जोसलिन बेन्सन के लिए प्रचार किया। दोनों उम्मीदवार चुनाव जीतने में सफल रहे। डेट्रॉइट में अपने भाषण के दौरान ओबामा ने माना कि प्रगतिशील डेमोक्रेट माने जाने वाले अब्दुल एल-सैयद उनके राष्ट्रपति कार्यकाल की कुछ नीतियों से सहमत नहीं थे।

उन्होंने कहा, "किसी लक्ष्य को हासिल करने के तरीके पर मतभेद होना और अंतिम उद्देश्य पर मतभेद होना, दोनों अलग बातें हैं।"

ओबामा ने एल-सैयद का बचाव भी किया। उन्होंने कहा कि उनके नाम और मुस्लिम पहचान को लेकर जो राजनीतिक हमले किए गए, वे कुछ हद तक उन हमलों जैसे थे जिनका सामना उन्हें अपने राष्ट्रपति चुनाव अभियानों के दौरान करना पड़ा था। एल-सैयद की जीत ऐतिहासिक रही क्योंकि वह अमेरिकी सीनेट के लिए चुने जाने वाले पहले मुस्लिम बने।

ओबामा की अंतिम प्रमुख चुनावी रैलियों में 28 अक्टूबर को जॉर्जिया में हुई एक रैली भी शामिल थी, जहां उन्होंने डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन ओसोफ और गवर्नर उम्मीदवार कीशा लांस बॉटम्स के साथ मंच साझा किया। दोनों उम्मीदवारों ने चुनाव जीता, जबकि कीशा लांस बॉटम्स अमेरिका के इतिहास में गवर्नर बनने वाली पहली अश्वेत महिला बन गईं।

जॉर्जिया की रैली में ओबामा ने ट्रंप प्रशासन की आर्थिक नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि टैरिफ नीतियों से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ा और ईरान के साथ अनावश्यक संघर्ष ने हालात को और मुश्किल बनाया।

हालांकि उन्होंने डेमोक्रेट्स को यह भी सलाह दी कि वे केवल ट्रंप की आलोचना करने तक सीमित न रहें, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं, आवास, बिजली-पानी और जीवन-यापन की लागत जैसे मुद्दों पर ठोस समाधान भी पेश करें। चुनाव के बाद दिए गए अपने बयान में भी ओबामा ने यही संदेश दोहराया। उन्होंने कहा कि जीत के साथ जिम्मेदारी भी आती है और पार्टी का काम सिर्फ व्हाइट हाउस का विरोध करना नहीं, बल्कि जनता के लिए नतीजे देना भी है।

बराक ओबामा जनवरी 2009 से जनवरी 2017 तक अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति रहे। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के बीच डेमोक्रेट्स की ओर से कांग्रेस पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने की कोशिशों के दौरान उन्होंने फिर से सक्रिय चुनावी प्रचार किया।

नवनिर्वाचित कांग्रेस जनवरी 2027 में अपना कार्यभार संभालेगी। कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स का नियंत्रण होने से कानून बनाने, सरकारी खर्चों की निगरानी, संसदीय जांच और व्यापार, आव्रजन तथा विदेश नीति जैसे मुद्दों पर उनकी भूमिका पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगी।