बेंगलुरु। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र और विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावाडी नारायणस्वामी को चेतावनी दी कि यदि वे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ भड़काऊ और आपत्तिजनक बयान देना जारी रखते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है और उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।
दोनों भाजपा नेताओं की विवादित टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियांक खड़गे ने मीडिया से कहा कि उनके बयानों में तथ्यों, जानकारी और मुद्दों की समझ का अभाव है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के बयान जारी रहे तो सरकार कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करेगी।
खड़गे ने कहा, "हम किसी के साथ अन्याय नहीं करेंगे और बिना कारण किसी को जेल नहीं भेजेंगे। कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत की जाएगी। अगर ऐसे बयान जारी रहे तो भविष्य में उनके लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं और उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।"
चलावाडी नारायणस्वामी की कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लेकर की गई टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए खड़गे ने कहा कि उनकी जुबान और सोच में कोई तालमेल नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि नारायणस्वामी ने उनके गृह क्षेत्र की यात्रा के दौरान उन्हें "कुत्ता" कहा था। खड़गे ने कहा, "ऐसे व्यक्ति में क्या कोई समझ है?"
गौरतलब है कि चलावाडी नारायणस्वामी ने कथित तौर पर कहा था कि अगर कांग्रेस देश में अराजकता फैलाना जारी रखती है तो भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यकर्ताओं के टुकड़े-टुकड़े कर उन्हें अरब सागर में फेंक देंगे। यह बयान उन्होंने कोलार में भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ' पदयात्रा के दौरान दिया था।
इस बयान की कांग्रेस ने कड़ी आलोचना की थी और इसे राजनीतिक विरोधियों को दी गई धमकी बताया था। हालांकि बाद में नारायणस्वामी ने ऐसा बयान देने से इनकार करते हुए कहा कि उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।
प्रियांक खड़गे ने आरक्षण मुद्दे और कर्नाटक लोक सेवा आयोग विवाद को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ विजयेंद्र द्वारा की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों की भी आलोचना की।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विजयेंद्र ने ऐसे बयान देने से पहले अदालत के फैसले का ठीक से अध्ययन किया था। खड़गे ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता पिछली भाजपा सरकार के खिलाफ अदालत की टिप्पणियों को नजरअंदाज कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "यदि एससी-एसटी आरक्षण बढ़ाना है तो प्रस्ताव राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के समक्ष रखा जाना चाहिए था। पिछली भाजपा सरकार ने यह प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं की? अदालत ने भी इस पर टिप्पणी की है लेकिन विजयेंद्र इन बातों को भूलकर बयान दे रहे हैं।"
उल्लेखनीय है कि विजयेंद्र ने आरक्षण मुद्दे और कर्नाटक हाईकोर्ट में कांग्रेस सरकार के पक्ष को लेकर कांग्रेस की आलोचना की थी। बाद में उन्होंने अपने शब्दों को लेकर खेद जताते हुए कहा था कि यदि उनकी टिप्पणी से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह उसके लिए माफी मांगते हैं।
खड़गे ने कहा कि व्यक्तिगत हमलों और भड़काऊ बयानों का सिलसिला जारी रहा तो इसके कानूनी परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार कानून के दायरे में रहकर उचित कार्रवाई करेगी।














