बालाघाट, रितेश सोनी । जिले की कटंगी विधानसभा के खैरलांजी ब्लॉक में सिंचाई के पानी को लेकर किसानों की परेशानी चरम पर पहुंच गई है। वैनगंगा टूटी परियोजना के तहत निर्धारित शेड्यूल के अनुसार 16 अक्टूबर से नहरों में पानी छोड़ा जाना था, लेकिन समय बीत जाने के बावजूद खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाया है। इसके चलते भंडारबोड़ी, कटोरी, फूलचूर, मानगांव, लिलमा, डोंगरिया और मौवाड़ जैसे दर्जनों गांवों की खड़ी फसलें सूखने की कगार पर आ गई हैं। फसलों को बचाने के लिए चिंतित किसानों ने जिला प्रशासन के चक्कर काटने के बाद अब कटंगी विधायक गौरव पारधी से मुलाकात कर तुरंत नहर चालू कराने की गुहार लगाई है।
कलेक्टर कार्यालय के चक्कर काटने के बाद विधायक के द्वार पहुंचे किसान
इससे पूर्व 20 अक्टूबर को किसानों ने बालाघाट कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर नहर का पानी खेतों तक पहुंचाने की मांग की थी। प्रशासन की ओर से समय पर उचित कदम न उठाए जाने से नाराज किसानों ने 22 अक्टूबर तक पानी न मिलने की स्थिति में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर जाने की स्पष्ट चेतावनी दी है। किसान प्रतिनिधियों का कहना है कि समय पर सिंचाई नहीं मिलने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
विधायक ने दिया 3 से 4 दिनों में पानी पहुंचाने का आश्वासन
किसानों की गंभीर समस्या को सुनते ही विधायक गौरव पारधी ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि भीमगढ़ और राजीव सागर बांध कुड़वा से डूटी डैम के रास्ते पानी लाकर आगामी 3 से 4 दिनों के भीतर खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध करा दिया जाएगा। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर तय शेड्यूल के बाद भी पानी समय पर क्यों नहीं छोड़ा गया और किसानों को आंदोलन का रास्ता चुनने पर क्यों मजबूर होना पड़ा।
















