दुबई। भारतीय बल्लेबाज शेफाली वर्मा को रविवार को रायपुर में जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे महिला टी20 इंटरनेशल मैच के दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की आचार संहिता तोड़ने के लिए आधिकारिक तौर पर फटकार लगाई गई है।यह घटना जिम्बाब्वे की पारी के 12वें ओवर में हुई, जब श्री चरणी की गेंद पर शेफाली ने मिड-ऑफ पर चिपो मुगेरी-तिरिपानो का कैच छोड़ दिया। इस मौके को गंवाने से निराश होकर भारतीय बल्लेबाज ने गेंद को जमीन पर दे मारा, जिसके बाद मैच अधिकारियों ने उन पर 'लेवल 1' का अपराध दर्ज किया।

शेफाली वर्मा को आईसीसी की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। इस नियम के तहत इंटरनेशनल मैच के दौरान क्रिकेट के साजो-सामान, कपड़ों, मैदान के उपकरणों या अन्य चीजों के साथ दुर्व्यवहार करना आता है। इस वजह से 22 वर्षीय शेफाली के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट प्वाइंट जोड़ दिया गया है। पिछले 24 महीनों में यह उनका पहला ऐसा उल्लंघन है।

शेफाली ने अपनी गलती मान ली और आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी की सदस्य जी.एस. लक्ष्मी द्वारा तय की गई सजा को स्वीकार कर लिया, जिससे औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। मैदानी अंपायर वृंदा राठी और गायत्री वेणुगोपालन, थर्ड अंपायर अन्ना हैरिस और फोर्थ अंपायर जननी नारायणन ने यह आरोप लगाया था।

आईसीसी के नियमों के अनुसार, 'लेवल 1' के उल्लंघन के लिए कम से कम आधिकारिक फटकार और ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी की मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लग सकता है, साथ ही एक या दो डिमेरिट प्वाइंट भी दिए जा सकते हैं। यह अनुशासनात्मक कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब इसी मैच में शेफाली ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने सिर्फ 25 गेंदों पर 55 रनों की आतिशी पारी खेली।

भारत ने जिम्बाब्वे को 102/8 के स्कोर पर रोका और इसके बाद इस लक्ष्य को सिर्फ 8.5 ओवर में सिर्फ एक विकेट खोकर हासिल कर लिया। तीन मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम 2-0 की अजेय बढ़त हाासिल कर चुकी है। सीरीज का तीसरा मुकाबला मंगलवार को खेला जाना है।