मुंबई। अनुभवी सुपरस्टार आशा पारेख ने हाल ही में मुंबई में अमृता सुभाष के मराठी नाटक 'असेन मी नसेन मी' के प्रदर्शन में भाग लिया। उन्होंने इस प्रस्तुति और कलाकारों के बेहतरीन अभिनय की खूब तारीफ की। अमृता ने सोशल मीडिया पर नाटक और उससे जुड़े लोगों की कुछ झलकियां साझा कीं। साथ ही, उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें आशा पारेख नाटक देखने के अपने अनुभव के बारे में बात करती नजर आ रही हैं।
वीडियो में आशा पारेख ने नाटक और कलाकारों के अभिनय की तारीफ की। उन्होंने धाराप्रवाह मराठी में कहा, "आज मैं यह नाटक देखने आई थी। मुझे यह बहुत अच्छा लगा।"
उन्होंने कलाकार की तारीफ करते हुए कहा, "इस लड़की ने बहुत बढ़िया काम किया है। मेरा मन कर रहा है कि मैं फिर से आकर यह नाटक देखूं।"
हालांकि, आशा पारेख ने यह भी माना कि नाटक के विषय ने उन्हें थोड़ा चिंतित कर दिया। उन्होंने कहा, "इसे देखने में मुझे थोड़ा डर लगा क्योंकि ऐसा मेरे साथ भी हो सकता है। मुझे इस बारे में सावधान रहना चाहिए।"
अमृता सुभाष ने सोशल मीडिया पर एक और पोस्ट में बताया कि आशा पारेख का नाटक देखने आना और टीम के साथ बातचीत करना उनके लिए खुशी की बात थी। 'असेन मी नसेन मी' नाम की इस मराठी प्रस्तुति ने अपने विषय और अभिनय के कारण लोगों का ध्यान खींचा है।
बता दें कि आशा पारेख का जन्म 2 अक्टूबर 1942 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता गुजराती थे जबकि उनकी मां दाऊदी बोहरा मुस्लिम समुदाय से थीं। मुंबई में पली-बढ़ीं आशा पारेख ने अपने करियर की शुरुआत एक बाल कलाकार के रूप में की थी और बाद में वे हिंदी सिनेमा की सबसे मशहूर अभिनेत्रियों में से एक बनीं।
चार दशकों से भी लंबे अपने करियर में उन्होंने 'तीसरी मंजिल', 'कटी पतंग', 'कारवां' और 'लव इन टोक्यो' जैसी क्लासिक फिल्मों में काम किया। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें 1992 में 'पद्म श्री' और 2022 में 'दादा साहब फाल्के पुरस्कार' से सम्मानित किया गया।














