भोपाल। केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद रहे डॉ. एल. मुरुगन के अचानक दिए गए इस्तीफे को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले में भाजपा पर तीखा हमला बोला है और इस्तीफे के पीछे की असली वजह सामने लाने की मांग की है।
5 दिन पहले दिया था इस्तीफा, तमिलनाडु में काम करने की जताई थी इच्छा
एल. मुरुगन भारत सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। वे मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे और उनका कार्यकाल 3 अप्रैल 2030 तक था। लगभग 5 दिन पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा था, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया। अपने इस्तीफे में उन्होंने कारण बताया था कि वे आगामी 2029 के लोकसभा चुनावों के मद्देनजर तमिलनाडु में बीजेपी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए पूरा समय देना चाहते हैं। उनके द्वारा अचानक राज्यसभा सदस्यता छोड़ने के बाद अब मध्य प्रदेश में इस खाली सीट पर उपचुनाव कराए जाने की चर्चा भी जोर पकड़ने लगी है।
उमंग सिंघार के तीखे सवाल: "क्या यह किसी बड़े खुलासे से पहले का डैमेज कंट्रोल है?"
मुरुगन के इस्तीफे के बाद से राजनीतिक कयासों का दौर जारी था, जिसे शनिवार को कांग्रेस नेता उमंग सिंघार के सोशल मीडिया पोस्ट ने और हवा दे दी। उन्होंने भाजपा को घेरते हुए कई तीखे सवाल खड़े किए:
- असली कहानी पर सवाल: सिंघार ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि "संस्कार, सुचिता और नैतिकता का ढोल पीटने वाली भाजपा बताए कि डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के पीछे की असली कहानी क्या है?"
- तमिलनाडु के कथित कारनामों का जिक्र: उन्होंने सवाल उठाया कि तमिलनाडु में कथित कारनामों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अचानक मंत्री पद और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ना महज एक इत्तेफाक है या किसी बड़े खुलासे से पहले की सियासी कवायद?
- डैमेज कंट्रोल की आशंका: नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि देश में भाजपा के खिलाफ बन रहे माहौल के बीच कहीं उनके कथित कारनामे उजागर होने से पार्टी को और राजनीतिक नुकसान न हो, क्या यह उसी का डैमेज कंट्रोल है? साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए लिखा कि अगर दामन साफ है, तो इस चुप्पी की वजह देश को बताई जानी चाहिए।

















