भोपाल, जीतेन्द्र यादव। राजधानी के मिसरौद स्थित एक शासकीय स्कूल में जेन अल्फा छात्रों ने अपनी शिक्षिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। स्कूल के बाहर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन कर शिक्षिका बबीता कुशवाहा पर बच्चों से मारपीट के गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का कहना है कि शिक्षिका कई बार बच्चों के साथ मारपीट करती थीं और लोहे की रॉड से भी पीटने की बात सामने आई है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बताया कि शिक्षिका के व्यवहार को लेकर स्कूल प्रबंधन से कई बार शिकायत की गई, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार शिकायत करने के बावजूद राहत न मिलने पर उन्हें स्कूल के बाहर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
शिक्षिका के डर से बच्चे बायोलॉजी नहीं लेते थे
प्रदर्शन में शामिल छात्राओं ने आरोप लगाया कि शिक्षिका के डर का माहौल इतना ज्यादा था कि कई विद्यार्थी बायोलॉजी यानी बायो सब्जेक्ट तक लेने से बचते थे। विषय पढ़ाने के दौरान भी बच्चों के साथ सख्ती और डर का माहौल रहता था।
छात्रों ने स्कूल प्रबंधन पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि जब भी कोई बच्चा शिक्षिका के खिलाफ शिकायत करता था तो उसे स्कूल से निकालने की धमकी दी जाती थी। इसी डर के कारण कई बच्चे खुलकर अपनी शिकायत सामने नहीं रख पाते थे।
प्राचार्य ने DPI को भेजी शिकायत
स्कूल की प्राचार्य का कहना है कि शिक्षिका को लेकर मिली शिकायत को DPI (लोक शिक्षण संचालनालय) को भेज दिया गया है। प्राचार्य के मुताबिक मामले का निराकरण जल्द होने की उम्मीद है।
शिक्षिका को स्कूल से हटाया गया
ताजा अपडेट के मुताबिक, बबीता कुशवाहा को मिसरौद शासकीय विद्यालय से हटा दिया गया है। बच्चों का कहना है कि यदि अगले सोमवार तक उन्हें पूरी तरह नहीं हटाया गया तो वे और बड़ा आंदोलन करेंगे।
छात्रों के इस प्रदर्शन ने स्कूल में बच्चों की सुरक्षा और शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपों की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।











