मिल्वौकी। ब्राजील के विकास, उद्योग, व्यापार और सेवा मंत्री मार्सियो एलियास रोसा ने कहा कि भारत, ब्राजील के लिए अहम व्यापारिक साझेदार है और मौजूदा व्यापार समझौते की क्षमता सीमित है।जी20 देशों के व्यापार मंत्रियों की बैठक के साइडलाइन में समाचार एजेंसी आईएएनएस से एक्सक्लूसिव बातचीत में ब्राजील के वरिष्ठ मंत्री ने बताया कि ब्राजील और भारत मौजूदा 'भारत-मर्कोसुर प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट' को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा, "भारत एक ऐसी अर्थव्यवस्था है जो पूरी दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हमारे उनके साथ अच्छे संबंध हैं।"

भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक के बाद, रोसा ने आईएएनएस के सवालों का जवाब देते हुए कहा, "हमने अभी जिन चीजों पर चर्चा की, उनमें दोनों अर्थव्यवस्थाओं और मर्कोसुर के बीच एक व्यापक समझौते की संभावना शामिल है।"

मर्कोसुर दक्षिण अमेरिकी व्यापार समूह है जिसमें ब्राजील भी शामिल है।

रोसा ने कहा कि भारत और मर्कोसुर के बीच मौजूदा प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट में बहुत कम उत्पाद शामिल हैं।

उन्होंने कहा, "हमारे पास पहले से ही टैरिफ प्रेफरेंस एग्रीमेंट है, लेकिन यह बहुत सीमित है। इसमें सिर्फ 450 टैरिफ आइटम शामिल हैं। इस कारण हमें इसे बढ़ाने की जरूरत है।"

ब्राजील के मंत्री ने बताया कि भारत के साथ बातचीत आगे बढ़ चुकी है और अब आगे की बातचीत के लिए रूपरेखा तय करने का चरण चल रहा है।

रोसा ने कहा, "हमने अभी-अभी 'काम की रूपरेखा' का ड्राफ्ट तैयार किया है। यह वैसा ही है जैसा अभी अमेरिका के साथ तैयार किया जा रहा है।"

उन्होंने कहा, "एक बार जब हम यह तय कर लेंगे, तो हम प्रस्ताव तैयार कर सकते हैं।"

रोसा ने भारतीय पक्ष के साथ अपनी बैठक को "बेहतरीन" बताया और संकेत दिया कि आने वाले महीनों में इस पर और काम किया जाएगा।

ये बातचीत दिखाती है कि ब्राजील और भारत मौजूदा टैरिफ छूट से आगे बढ़कर अपने व्यापारिक रिश्तों को बढ़ाने और ऐसे क्षेत्रों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं, जहां बेहतर बाजार पहुंच के लिए बातचीत की जा सकती है।

मंत्री ने कहा कि कई ऐसे क्षेत्र हैं जिसमें ब्राजील और भारत सहयोग बढ़ा सकते हैं। इसमें बायो-इकोनॉमी, सर्कुलर इकोनॉमी और डिजिटल इकोनॉमी शामिल हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्किल डेवलपमेंट और डिफेंस का भी जिक्र किया।