शाजापुर। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले की कालापीपल विधानसभा से भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी का बाइक चलाते समय दोनों हाथ हैंडल से हटाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में विवाद खड़ा हो गया है। यातायात नियमों का पाठ पढ़ाने वाले जनप्रतिनिधि द्वारा बाइक पर इस तरह का कृत्य किए जाने पर विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है।


जन सेवा रैली के दौरान बाइक का हैंडल छोड़ लहराए दोनों हाथ

सोमवार को कालापीपल से जामनेर के बीच निकाली जा रही 'जन सेवा रैली' के दौरान विधायक घनश्याम चंद्रवंशी कार्यकर्ताओं के साथ बाइक चला रहे थे। हालांकि विधायक ने सिर पर हेलमेट लगा रखा था, लेकिन चलती बाइक पर अचानक उन्होंने दोनों हाथ हैंडल से पूरी तरह हटा लिए और हाथ ऊपर उठाकर कार्यकर्ताओं का अभिवादन करने लगे। इस घटना का वीडियो पीछे चल रहे समर्थकों ने रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में इंटरनेट पर वायरल हो गया।


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पूर्व विधायक कुणाल चौधरी का तंज: "यह यातायात जागरूकता है या स्टंट?"

वीडियो सामने आते ही कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने विधायक और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला: कुणाल चौधरी ने कहा कि आम नागरिकों और युवाओं पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर भारी चालानी कार्रवाई की जाती है, तो क्या यही नियम जनप्रतिनिधियों पर लागू नहीं होते? उन्होंने याद दिलाया कि गणेश उत्सव के दौरान यही विधायक अपनी कार में गणेश प्रतिमा को सीट बेल्ट लगाकर लाए थे और लोगों को यातायात सुरक्षा की सीख दे रहे थे। ऐसे में बाइक पर स्टंट करना उनके दोहरे रवैये को उजागर करता है। उन्होंने मुख्यमंत्री और एसपी से पूछा कि क्या आम जनता और नेताओं के लिए अलग-अलग कानून हैं?


विधायक ने स्वीकार की गलती; कहा- "जोश में हुई चूक, दोबारा नहीं दोहराऊंगा"

मामले ने तूल पकड़ा तो विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने मीडिया के सामने आकर सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार की: विधायक ने कहा कि रैली के दौरान कार्यकर्ताओं के उत्साह और जोश में उनसे यह अनजाने में चूक हो गई। उनका मकसद कोई स्टंट करना या नियमों का उल्लंघन करना नहीं था। उन्होंने अपनी गलती के लिए माफी मांगते हुए प्रदेश के युवाओं से अपील की कि वे कभी भी बाइक चलाते समय ऐसी लापरवाही न बरतें और हमेशा यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें।


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पुलिस प्रशासन का बयान: जांच के बाद नियमानुसार होगी कार्रवाई

शुजालपुर एसडीओपी (SDOP) निमेष देशमुख ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की प्राथमिक जांच की जा रही है। वीडियो की सत्यता और तथ्यों की पुष्टि के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों के मामले में कानून सभी नागरिकों के लिए एक समान है। अब देखना यह होगा कि पुलिस विधायक का चालान काटती है या जांच के बाद क्या कदम उठाती है।