जबलपुर। जबलपुर के परसवाड़ा निवासी 27 वर्षीय दीपक पटेल (आश्रम में नाम- रसिक दुलारी शरण) की उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम की चौथी मंजिल से गिरकर मौत हो गई है। मृतक के परिवार ने इस घटना को अत्यंत संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि बीते दो वर्षों से उन्हें दीपक से मिलने नहीं दिया गया और उसकी मौत के बाद भी जानकारी छुपाने का प्रयास किया गया।
सेना में चयन न होने पर भक्ति मार्ग की ओर बढ़ा था कदम
दीपक ने स्नातक (BA) करने के बाद भारतीय सेना में भर्ती की तैयारी की थी। उसने लिखित परीक्षा और दौड़ उत्तीर्ण कर ली थी, लेकिन शारीरिक दक्षता (फिजिकल) परीक्षण में बाहर हो गया था। इसके बाद उसका झुकाव धार्मिक कार्यक्रमों की ओर हुआ। वह वर्ष 2023 में भय्याजी सरकार की नर्मदा परिक्रमा सेवा टोली से जुड़ा और फरवरी 2024 में बिना बताए घर से वृंदावन चला गया। वृंदावन में उसने संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में गुरु दीक्षा ली और अपना नाम 'रसिक दुलारी शरण' रख लिया। धीरे-धीरे उसका परिवार से मोबाइल व प्रत्यक्ष संपर्क पूरी तरह कट गया।
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10 बार वृंदावन जाने पर भी नहीं मिलने देने का आरोप
मृतक की मां उमा पटेल और परिजनों का दावा है कि बीते दो वर्षों में वे 10 से अधिक बार बेटे से मिलने वृंदावन पहुंचे। जून 2026 में परिवार के 17 लोग एक साथ गए थे, लेकिन हर बार आश्रम के गेट से उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि वह सेवा में व्यस्त है या वहां नहीं रहता। शुक्रवार दोपहर परिवार को केवल यह सूचना दी गई कि दीपक छत से गिर गया है। परिजन जब वृंदावन पहुंचे तो उन्हें यह तक नहीं बताया गया कि शव किस अस्पताल में रखा गया है, जिसके लिए उन्हें कई घंटे भटकना पड़ा।
प्राइवेट पार्ट काटने और ग्राइंडर मिलने की बात आई सामने
पुलिस व आश्रम सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आत्महत्या से एक दिन पूर्व रसिक दुलारी ने कमरे में रखे ग्राइंडर से अपना प्राइवेट पार्ट काट लिया था, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ था। गंभीर हालत में साथी साधु उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए थे, जहां से लौटने के बाद उसने शुक्रवार सुबह इमारत की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी। कमरे से खून से लथपथ ग्राइंडर बरामद हुआ है और उसके पिछले कुछ दिनों से अवसाद (डिप्रेशन) में होने की बात कही जा रही है।
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परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल; निष्पक्ष जांच की मांग
मृतक के बहनोई सोनू पटेल और छोटे भाई मनीष पटेल ने घटनाक्रम पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं: परिजनों का आरोप है कि उन्हें आश्रम प्रबंधन द्वारा जो सीसीटीवी फुटेज/वीडियो दिखाया गया, वह एडिटेड (छेड़छाड़ किया हुआ) प्रतीत हो रहा है। परिजनों ने सवाल उठाया कि ग्राइंडर चलने की आवाज किसी ने क्यों नहीं सुनी और घटना के वक्त कमरे में अन्य कौन लोग मौजूद थे? परिवार ने किसी स्वतंत्र एजेंसी से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा आश्रम में दीपक के साथ बीते महीनों में हुए व्यवहार की निष्पक्ष जांच की मांग की है।











