मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के गरोठ-शामगढ़ क्षेत्र में मिलावटखोर बेखौफ होकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे नकली दूध के मामलों के बीच शामगढ़ के डूंगरखेड़ी गांव में पुलिस ने एक घर में संचालित हो रहे नकली दूध के प्लांट पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में पाउडर, केमिकल, पाम ऑयल और उपकरण जब्त किए हैं। हालांकि, पुलिस टीम के पहुंचने से पहले ही प्लांट का संचालन करने वाले दोनों आरोपी भाई मौके से फरार होने में कामयाब हो गए।

डूंगरखेड़ी गांव की नई आबादी में अवैध रूप से नकली दूध तैयार किए जाने की सटीक सूचना मिलने पर शामगढ़ पुलिस टीम ने कृष्णपाल और शिवपाल के मकान पर दबिश दी। मौके पर छानबीन के दौरान पारस कंपनी के मिल्क पाउडर के 6 कट्टे, करीब 40 लीटर केमिकल, 40 लीटर तैयार दूध, 2 हजार लीटर क्षमता का बड़ा टैंक, पाम ऑयल के 5 डिब्बे, तौल कांटा, फ्रीज और मोटर सहित अन्य सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई की सूचना मिलते ही जिला खाद्य अधिकारी धीरेंद्र सिंह जादौन और नायब तहसीलदार भीम सिंह खराड भी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बरामद दूध के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।

गौरतलब है कि गरोठ-शामगढ़ क्षेत्र में नकली दूध का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 8 अप्रैल को कोटड़ाबुजुर्ग गांव में पुलिस ने 1500 लीटर सिंथेटिक दूध और 100 लीटर केमिकल पकड़ा था। वहीं 12 अप्रैल को चचावदा चौकटिया गांव से 1 हजार लीटर गाढ़ा नकली दूध, केमिकल के ड्रम, मिक्सिंग उपकरण और लैब जब्त की गई थी। महज 40 दिन पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसी क्षेत्र में सैंपलिंग की थी, लेकिन दोबारा प्लांट पकड़ाने और पुरानी सैंपलिंग रिपोर्ट अब तक न आने से विभागीय निगरानी और कार्रवाई की मंथर गति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।