भोपाल। भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के जिला महामंत्री और युवा अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की संदिग्ध व असमय मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस दुखद घटना को लेकर राजधानी के वकीलों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। सोमवार को जिला बार काउंसिल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वकीलों ने एमपी नगर थाने पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और पुलिस को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सीधे हत्या (धारा 302) का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। वकीलों का साफ तौर पर आरोप है कि दिव्यऋषि की मौत कोई सामान्य हादसा या प्राकृतिक मौत नहीं है, बल्कि संबंधित जिम्मेदारों की घोर और आपराधिक लापरवाही के चलते हुई सुनियोजित हत्या है।


यह भी पढि़ए:

फर्जी IAS तृप्ति सिंह ठगी कांड में बड़ा खुलासा; शहर के TI का भाई रोहित लिल्हारे भी बना आरोपी


'जब तक हत्या का केस दर्ज नहीं होगा, तब तक जारी रहेगी लड़ाई': बार काउंसिल

एमपी नगर थाने में ज्ञापन सौंपने पहुंचे वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस और प्रशासन के रवैये पर कड़ा ऐतराज जताया। वकीलों ने दो-टूक शब्दों में कहा कि जिन नाकारा और लापरवाह लोगों के कारण एक होनहार युवा वकील और जननेता की जान गई है, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। कानूनी बिरादरी अपने साथी के न्याय के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी और जब तक पुलिस दोषियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज नहीं करती, तब तक यह कानूनी और लोकतांत्रिक लड़ाई जारी रहेगी।


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिया संज्ञान, जांच के लिए विशेष टीम गठित

मामले की गंभीरता और युवा नेता के निधन से उपजे रोष को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना का तत्काल संज्ञान लिया है। शासन स्तर से पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घटना के हर तकनीकी और प्रशासनिक पहलू की गहनता से पड़ताल की जाए ताकि स्थिति पूरी तरह साफ हो सके।इधर, एमपी नगर थाना पुलिस ने वकीलों का ज्ञापन स्वीकार करते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।


"दिव्यऋषि तिवारी केवल एक अच्छे वकील ही नहीं, बल्कि हमारे परिवार का अभिन्न हिस्सा थे। यह सामान्य मौत नहीं, बल्कि खुले तौर पर लापरवाही से की गई हत्या है। जिन नालायकों की घोर लापरवाही के कारण हमारे साथी की जान गई है, उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना ही चाहिए। मुख्यमंत्री जी ने मामले में संज्ञान लेकर जांच टीम गठित की है, लेकिन हमारी मांग अडिग है—जब तक दोषियों पर हत्या की धाराओं में सख्त कार्रवाई नहीं होगी, वकील समुदाय चुप नहीं बैठेगा और अपनी लड़ाई जारी रखेगा।"

— देवेंद्र रावत, अध्यक्ष, जिला बार काउंसिल, भोपाल