छतरपुर। जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में दो शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी और दहशत का माहौल निर्मित हो गया। पहली घटना जिला मुख्यालय के सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है, जहां गुरैया रोड पर रेलवे ट्रैक के समीप 50 वर्षीय व्यक्ति का शव बरामद हुआ, जिसके चेहरे पर खरोंच और चोट के निशान पाए गए हैं। वहीं दूसरी दर्दनाक घटना लवकुशनगर कस्बे से सामने आई, जहां रेस्ट हाउस के पास गंदे नाले में 32 वर्षीय दिव्यांग युवक का करीब तीन दिन पुराना सड़ा-गला शव मिलने से हड़कंप मच गया। दोनों ही मामलों में संबंधित थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। दोनों मृतकों की मौत का वास्तविक कारण जानने के लिए पुलिस अब विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।


जिला मुख्यालय के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत गुरैया रोड स्थित रेलवे ट्रैक के समीप रविवार सुबह करीब 11:00 बजे स्थानीय राहगीरों ने एक 50 वर्षीय व्यक्ति का शव पड़ा देखा। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस और नगर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सोनी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का तकनीकी मुआयना कर शव का पंचनामा बनाया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। मृतक की शिनाख्त चौबे कॉलोनी निवासी कमलेश साहू (50 वर्ष) के रूप में हुई। प्राथमिक जांच में मृतक के चेहरे पर खरोंच और चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि शव खुले में पड़ा होने के कारण आवारा जानवरों ने उसे नोंचने का प्रयास किया होगा। परिजनों ने बताया कि कमलेश बीते दो वर्षों से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहे थे और अक्सर बिना बताए घर से निकल जाते थे। सीएसपी अरुण कुमार सोनी के अनुसार, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।


उधर, लवकुशनगर कस्बे में रेस्ट हाउस के समीप गंदे नाले से तेज दुर्गंध आने के बाद रविवार सुबह एक अज्ञात शव मिलने से अफरा-तफरी मच गई। चाय दुकानदार और स्थानीय नागरिकों द्वारा नाले में पैर देखे जाने पर तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। खबर मिलते ही एसडीओपी नितेश पटेल, थाना प्रभारी त्रिवेंद्र त्रिवेदी और नगर परिषद की टीम शव वाहन लेकर मौके पर पहुंची और भारी मशक्कत के बाद शव को नाले से बाहर निकाला। शव दो से तीन दिन पुराना होने के कारण बुरी तरह फूल चुका था। पुलिस द्वारा परिजनों को बुलाए जाने पर बहन मुन्नी सोनी ने कपड़ों के आधार पर शव की शिनाख्त अपने भाई कामता सोनी (32 वर्ष) के रूप में की। बहन ने बताया कि माता-पिता के निधन के बाद कामता उन्हीं के साथ रहता था, वह एक पैर से दिव्यांग था और कबाड़ बीनकर गुजारा करते हुए शराब का आदी था। वह पिछले चार दिनों से लापता था। पुलिस की प्राथमिक आशंका है कि शराब के नशे में नाले में गिरने और दिव्यांगता के चलते बाहर न निकल पाने के कारण डूबने से उसकी मौत हुई होगी।


घटना के बाद मृतक कामता सोनी के परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति को देखते हुए एक मानवीय पहलू भी सामने आया। परिवार के पास अंतिम संस्कार तक के लिए पैसे नहीं थे, जिसे देखकर लवकुशनगर थाना प्रभारी, पुलिस स्टाफ और स्थानीय नागरिकों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए आपस में आर्थिक सहयोग जुटाया और कफन-दफन की पूरी व्यवस्था कराई। पुलिस व स्थानीय नागरिकों के इस मानवीय सहयोग की पूरे नगर में खासी सराहना हो रही है। थाना प्रभारी त्रिवेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और विसरा सुरक्षित रखवाकर पीएम रिपोर्ट के आधार पर मामले की अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।