छतरपुर। छतरपुर की जिला अदालत ने सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत 11 साल के मासूम बच्चे समर अहिरवार की हत्या करने का प्रयास करने वाले आरोपी को दोषी करार देते हुए 'आजीवन कारावास' (उम्रकैद) की कठोर सजा सुनाई है। कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद जिला लोक अभियोजन अधिकारी (DPO) प्रवेश अहिरवार ने इस पूरे हत्याकांड और पुलिस की तफ्तीश की पूरी कहानी मीडिया के सामने साझा की।
क्या थी पूरी घटना?
डीपीओ प्रवेश अहिरवार ने बताया कि यह दर्दनाक घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है, जहां आरोपी ने पुरानी रंजिश या आपसी विवाद के चलते 11 वर्षीय मासूम समर अहिरवार को अपना निशाना बनाया था। आरोपी ने बेरहमी से मासूम की हत्या कर दी थी, जिससे पूरे इलाके में भारी आक्रोश और सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया और कोर्ट में मजबूत साक्ष्य (सबूत) पेश किए।
वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर मिली सजा
अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की मजबूत पैरवी करते हुए कोर्ट के सामने सभी अहम चश्मदीद गवाहों, मेडिकल रिपोर्ट और फॉरेंसिक सबूतों को क्रमबद्ध तरीके से पेश किया गया। शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी कि एक मासूम और बेकसूर बच्चे की हत्या समाज में जघन्य अपराध की श्रेणी में आती है, इसलिए आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। माननीय न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों को सही पाने के बाद आरोपी को दोषी माना और उसे ताउम्र जेल की सलाखों के पीछे (आजीवन कारावास) गुजारने का फैसला सुनाया।




