इंदौर। मध्य प्रदेश की राजनीति में इस वक्त एक बहुत बड़ा भूचाल आ गया है। प्रदेश में नशामुक्त समाज और कानून-व्यवस्था का बड़ा-बड़ा दावा करने वाली कांग्रेस खुद एक ऐसे आत्मघाती विवाद में घिर गई है, जिसने उसके शीर्ष नेतृत्व की साख पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी के सगे भाई, कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को पुलिस ने कथित ड्रग्स नेटवर्क और तस्करी से जुड़े होने के गंभीर आरोपों में हिरासत में ले लिया है। इस बेहद सनसनीखेज खुलासे के बाद जहां सत्ताधारी दल भाजपा पूरी तरह आक्रामक हो गई है, वहीं कांग्रेस रक्षात्मक मुद्रा में आकर पूरी तरह बैकफुट पर नजर आ रही है।


ड्रग पैडलरों ने उगला जीतू पटवारी के भाई का नाम

विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंदौर की राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने बुधवार देर रात एक बड़ी और खुफिया कार्रवाई को अंजाम देते हुए दो संदिग्ध ड्रग्स पैडलरों को रंगे हाथों दबोचा था। जब पुलिस ने नशा माफिया के इन दोनों गुर्गों से थाने में कड़ाई के साथ पूछताछ की, तो उन्होंने एक ऐसा नाम उगला जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर सूबे के राजनीतिक गलियारों तक हड़कंप मचा दिया। पकड़े गए आरोपियों ने सीधे तौर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी का नाम लेते हुए उनके ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े होने का दावा किया। रसूखदार का नाम सामने आते ही पुलिस तुरंत हरकत में आई और नाना पटवारी को घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया।


7 साल पुराना 'खुशी कुलवाल सुसाइड केस' भी रडार पर

यह पहली बार नहीं है जब नाना पटवारी का नाम किसी काले कारोबार या गंभीर विवाद में उछला हो। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नाना पटवारी का नाम इससे पहले भी एक पुराने ड्रग्स तस्करी के प्रकरण में जांच के दायरे में आ चुका है। इसके अलावा, लगभग सात साल पुराने इंदौर के बहुचर्चित 'खुशी कुलवाल आत्महत्या मामले' में भी उनका नाम मुख्य रूप से चर्चाओं में रहा था, जब हाई-प्रोफाइल पार्टियों में दिखने वाली खुशी ने अपने फ्लैट में फांसी लगा ली थी। अब इंदौर पुलिस इन पुराने मामलों की कड़ियों को भी नए ड्रग्स नेटवर्क और हाई-प्रोफाइल पार्टियों के रसूखदारों से जोड़कर देख रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर जल्द ही इस नेटवर्क में शामिल अन्य बड़े चेहरों पर भी बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


हमेशा हमलावर रहने वाले जीतू पटवारी ने साधी चुप्पी

इस बड़े आपराधिक खुलासे के बाद मध्य प्रदेश की सियासत का पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। दिलचस्प बात यह है कि जो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी हर छोटे-बड़े मुद्दे पर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ते थे, वे अब अपने ही सगे भाई का नाम ड्रग्स रैकेट में आने के बाद मीडिया के तीखे और सीधे सवालों से बचते नजर आ रहे हैं। इस बेहद गंभीर और संवेदनशील मामले पर जीतू पटवारी द्वारा साधी गई 'रहस्यमयी चुप्पी' अब राजनीतिक हलकों में कई तरह के गंभीर सवाल खड़े कर रही है। भाजपा ने इसे कांग्रेस का दोहरा चरित्र बताते हुए अध्यक्ष से तुरंत इस्तीफे और निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है।