दतिया। मध्य प्रदेश की राजनीति में दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर हलचल अपने चरम पर है। इसी बीच दिल्ली हाईकोर्ट से कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को एक बहुत बड़ा कानूनी झटका लगा है। अदालत ने बैंक एफडी (FD) घोटाला मामले में उनकी 3 साल की सजा पर रोक लगाने से साफ इनकार करते हुए उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। हालांकि, उन्हें निचली अदालत से पहले ही जमानत मिल चुकी है, जिसके कारण उन्हें तुरंत जेल नहीं जाना होगा, लेकिन इस अदालती फैसले ने उनके चुनाव लड़ने के सपनों पर पूरी तरह पानी फेर दिया है। राजेंद्र भारती ने दतिया विधानसभा उपचुनाव की प्रक्रिया और अपनी दोषसिद्धि पर रोक लगाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अपनी याचिका में दलील दी थी कि यदि उनकी सजा पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो उनका आगामी चुनाव लड़ने का वैधानिक अधिकार पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा। लेकिन माननीय न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत देने से मना कर दिया, जिससे कांग्रेस खेमे में मायूसी छा गई है।
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत 6 वर्षों का प्रतिबंध, 28 साल पुराना है यह मामला
कानूनी प्रावधानों के अनुसार, इस फैसले के बाद राजेंद्र भारती अब अगले 6 वर्षों तक देश में कोई भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951' की धारा 8(3) के तहत यह नियम बेहद स्पष्ट है कि यदि किसी भी जनप्रतिनिधि या नागरिक को किसी आपराधिक मामले में 2 वर्ष या उससे अधिक की सजा होती है, तो वह न केवल अपनी सदस्यता खो देता है, बल्कि सजा की अवधि पूरी होने के बाद अगले 6 साल तक चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह अयोग्य (Disqualified) हो जाता है। चूंकि उन्हें 3 साल की सजा मिली है, इसलिए वे एक लंबे समय के लिए चुनावी समर से बाहर हो गए हैं। यह पूरा विवाद करीब 28 साल पुराने एक जिला सहकारी बैंक में हुए एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) घोटाले और धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है। इस मामले में दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए (MP-MLA) कोर्ट ने इसी वर्ष 2 अप्रैल को राजेंद्र भारती को दोषी करार देते हुए 3 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। विशेष अदालत का फैसला आते ही मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उनकी विधायकी (सदस्यता) को रद्द कर दिया था, जिसके बाद भारत निर्वाचन आयोग को इस सीट पर उपचुनाव की घोषणा करनी पड़ी।
पी. चिदंबरम की दलीलें रहीं बेअसर, 2023 में नरोत्तम मिश्रा को दी थी मात
दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान देश के दिग्गज वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने राजेंद्र भारती का पक्ष रखते हुए मजबूत पैरवी की थी। उन्होंने अदालत के समक्ष तर्क दिया था कि यह मामला विशुद्ध रूप से दीवानी (Civil) प्रकृति का है, न कि आपराधिक। उन्होंने यह भी बताया था कि इस विवाद को लेकर बैंक पहले सुप्रीम कोर्ट भी गया था, जहां दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया था और संबंधित एफडी की राशि आज भी बैंक में पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, हाईकोर्ट ने इन दलीलों को अपर्याप्त मानते हुए सजा पर रोक लगाने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। राजनीतिक दृष्टिकोण से दतिया विधानसभा सीट मध्य प्रदेश की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक मानी जाती है। साल 2023 के मुख्य विधानसभा चुनाव में राजेंद्र भारती ने बड़ा उलटफेर करते हुए भाजपा के कद्दावर नेता और तत्कालीन गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,742 वोटों के अंतर से शिकस्त दी थी। इस शानदार जीत के बाद वे राजनीति में 'जायंट किलर' के रूप में उभरे थे, लेकिन बैंक घोटाले के इस जिन्न ने महज कुछ ही महीनों में उनकी विधायकी छीन ली और अब उन्हें चुनावी रेस से भी बाहर कर दिया है।
कांग्रेस खेलेगी अब सहानुभूति का कार्ड, 3 अगस्त को आएंगे अंतिम नतीजे
राजेंद्र भारती का पत्ता पूरी तरह साफ होने के बाद अब कांग्रेस इस हाई-प्रोफाइल सीट को बचाने के लिए नए समीकरणों पर विचार कर रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दतिया क्षेत्र में राजेंद्र भारती का अपना एक मजबूत व्यक्तिगत वोट बैंक है, जिसे बिखरने से बचाने के लिए कांग्रेस अब उनके परिवार पर ही दांव लगाएगी। सूत्रों के अनुसार, सहानुभूति की लहर पैदा करने के लिए राजेंद्र भारती की पत्नी शोभा भारती का नाम पार्टी के शीर्ष पैनल में सबसे आगे चल रहा है, ताकि भाजपा के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा खड़ा किया जा सके। दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी इस सुनहरे मौके का पूरा फायदा उठाने की तैयारी में है। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा इस क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं और उनके नाम का सिंगल पैनल पहले ही दिल्ली भेजा जा चुका है। निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, दतिया उपचुनाव के लिए 30 जुलाई 2026 को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त 2026 को मतगणना के साथ ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। दोनों ही दल अब अपने अधिकृत प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी करने की औपचारिकता में जुट गए हैं।




