इंदौर। इंदौर में आयोजित लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री (नकल) किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक जुबानी जंग तेज हो गई है। कार्यक्रम के दौरान मंच से एक युवक द्वारा प्रधानमंत्री के बोलने के अंदाज और हाव-भाव की मिमिक्री की गई थी। इसके बाद भाजपा नेताओं ने इसे सीधे तौर पर प्रधानमंत्री की दिवंगत मां और भारतीय संस्कृति का अपमान करार दिया है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए मिमिक्री का बचाव किया है।
भाजपा का आरोप: "मां का अपमान और भारतीय संस्कृति पर प्रहार"
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी के मंच से भारतीय संस्कृति, सभ्यता और जननी के सम्मान का उपहास उड़ाया गया है। भारत में मां का स्थान सर्वोच्च है और देश की जनता धरती मां व जन्मदात्री के लिए समर्पित रहती है। उन्होंने कहा कि भारत की धरती राम, कृष्ण, बुद्ध और गुरु नानक की परंपराओं पर आधारित है। शर्मा ने राहुल गांधी को उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए लोकतांत्रिक मर्यादाओं और परंपराओं का पालन करने की नसीहत दी।
कांग्रेस का बचाव: "लोकतंत्र में मिमिक्री सामान्य, पीएम खुद भी उड़ाते हैं मजाक"
पूर्व सांसद व कांग्रेस नेता उदित राज ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए मिमिक्री का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक व्यंग्य और हास्य का अपना एक स्थान होता है। उदित राज ने कहा कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी संसद और चुनावी सभाओं में विपक्षी नेताओं की मिमिक्री व हास्य-व्यंग्य करते रहे हैं, इसलिए इस पर आपत्ति जताना भाजपा का दोहरा मापदंड है। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी ने कार्यक्रम में नीट परीक्षा की गड़बड़ियां, सरकारी स्कूलों का बंद होना, शिक्षा बजट में कटौती और अभ्यर्थियों पर की जाने वाली पुलिस कार्रवाइयों जैसे महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं, जिन पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
सिस्टम और निगरानी व्यवस्था पर भी उदित राज ने उठाए सवाल
उदित राज ने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दों को सही ठहराते हुए कहा कि देश में मीडिया और उद्योगपतियों के एक हिस्से पर नियंत्रण बनाकर व्यवस्था को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने पेगासस विवाद, पुलवामा घटना और सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की भूमिका और सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़े किए।




