छतरपुर, विनोद मिश्रा। बमीठा थाना क्षेत्र के ग्राम गंगवाहा निवासी दयाराम शुक्ला ने राजेश पाल की मौत के मामले में अपने पुत्र सोमनाथ शुक्ला को कथित रूप से फंसाए जाने की आशंका जताते हुए पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की निगरानी में कराने की मांग की है।


आवेदन के अनुसार राजेश पाल 16 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 3 बजे घर से निकला था और शाम करीब 7 बजे उसकी पत्नी से फोन पर बातचीत हुई। इसके बाद रात करीब 8 बजे उसका शव नदी में मिलने की जानकारी सामने आई। मौत को लेकर एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें सोमनाथ पर पैसों के लेनदेन के विवाद और जान से मारने की धमकी से संबंधित आरोप लगाए जाने का उल्लेख है।


मृतक के पिता ने कहा कि केवल वीडियो में लगाए गए आरोपों के आधार पर उनके पुत्र को दोषी नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने वीडियो की सत्यता, उसके तैयार किए जाने के समय और उसमें लगाए गए आरोपों की उपलब्ध साक्ष्यों से पुष्टि कराने की मांग की है।


आवेदन में 16 सितंबर को दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक राजेश पाल के मोबाइल की CDR, लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही उस दौरान राजेश के संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की मांग की गई है।


परिवार ने दया शंकर शर्मा उर्फ आजाद बाबू सहित पैसों के लेनदेन और विवाद से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की मांग की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक घटनाक्रम सामने लाने की मांग करते हुए परिवार ने कहा है कि यदि आरोप गलत पाए जाते हैं तो सोमनाथ को झूठे मामले में न फंसाया जाए।


परिवार ने SP से वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में जांच कराकर तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। मामले में मौत की वास्तविक परिस्थितियों और वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।