छतरपुर, संजय अवस्थी। शहर के गल्ला मंडी स्थित मां अन्नपूर्णा मंदिर प्रांगण में विगत 83 वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी भव्य अन्नपूर्णा मेला जलविहार महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मां अन्नपूर्णा मेला जलविहार समिति के तत्वाधान में आयोजित होने वाले इस उत्सव की शुरुआत श्रवण द्वादशी के दिन से होती है। इस अवसर पर शहर के विभिन्न प्राचीन मंदिरों से भगवान के विमान शोभायात्रा के साथ अन्नपूर्णा मंदिर प्रांगण में लाए जाते हैं, जहाँ विधि-विधान से जलविहार कराया जाता है। इसके पश्चात भगवान 11 दिनों के लिए अन्नपूर्णा मंदिर प्रांगण में ही विराजते हैं।


11 दिवसीय इस आयोजन के दौरान प्रतिदिन भव्य महाआरती और प्रसाद वितरण का आयोजन होता है। साथ ही, मेले में झूले, दुकानें और मनोरंजन के साधन श्रद्धालुओं व शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मेले के मंच से प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक व धार्मिक प्रस्तुतियां दी जाती हैं, जिनमें बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम, कवि सम्मेलन, जवाबी कीर्तन, राई लोकनृत्य और बुंदेली लोकगीत शामिल हैं। 83 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा यह महोत्सव शहर की एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत बन चुका है, जिसका शहरवासियों को वर्षभर इंतजार रहता है। इस मंच के माध्यम से स्थानीय और आसपास के कलाकारों को भी अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है।