ओकाजाकी। एशियन गेम्स 2026 में बुधवार को भारतीय पुरुषों की कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने फाइनल में चीन को हराकर गोल्ड मेडल जीता। इस टीम में कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु शामिल थे।
कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु की तिकड़ी ने एक रोमांचक फाइनल में चीन के जियाओ लियाओ, जिनयी लियू और जिंग्यू शी को 238-237 से हराकर गोल्ड जीता।
गोल्ड जीतने के बाद साहिल जाधव ने आईएएनएस से कहा, "मुझे लग रहा है कि मेरी मेहनत थोड़ी-बहुत सफल हो गई। मैं सोचकर आया था कि हमें अपना बेस्ट प्रदर्शन करना है। हमारा लक्ष्य था कि अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करते हुए श्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। भारतीय टीम की जो तैयारी और क्षमता है, अगर पूरी तरह उसका उपयोग होता है, तो गोल्ड से कम आएगा ही नहीं। हम अपने आप को बेहतर बनाते रहेंगे, तो पदक आते ही रहेंगे।"
साहिल ने कहा, "मुझे गोल्ड जीतने के बाद अपनी मेहनत पर भरोसा हो गया है। साथ ही यह भी एहसास हो गया है कि सफलता के लिए कितनी मेहनत जरूरी है। मैं यह पदक अपने माता-पिता, कोच, आर्चरी एसोसिएशन, फिजियो और भारतीय ओलंपिक संघ को समर्पित करना चाहता हूं।"
कुशल दलाल ने आईएएनएस से कहा, "जब से एशियन गेम्स शुरू हुए हैं, हम पहले दिन से ही मेडल टैली देख रहे थे। तो, कहीं न कहीं ऐसा था कि मेडल तो आ रहे हैं, लेकिन गोल्ड के रूप में नहीं आ रहे हैं। तो आज, तीन गोल्ड आए। हमारे पास अभी समय है। हम इंडिया को और ऊपर ले जाना चाहते हैं। गोल्ड जीतने से एथलीटों को आगे के सभी टूर्नामेंटों के लिए प्रेरणा मिलती है।"
भारतीय आर्चरी के लिए बुधवार का दिन शानदार रहा है और अब तक तीन गोल्ड जीत चुकी है।
पुरुषों की कंपाउंड तीरंदाजी टीम से पहले चिकिथा तानिपार्थी और साहिल जाधव की भारत की कंपाउंड मिक्स्ड टीम ने कोरिया को एक मुश्किल शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड मेडल जीता था। इस जीत से 2028 गेम्स के लिए ओलंपिक कोटा भी पक्का हो गया।
इससे पहले, भारत की महिला कंपाउंड टीम ने भी गोल्ड मेडल जीता। इस टीम में चिकिथा तानिपार्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम शामिल थीं। भारतीय तिकड़ी ने चीन को 238-234 से हराकर गोल्ड मेडल जीता।












