जबलपुर। कैंसर से जूझ रहे हजारों मरीजों के लिए राहत भरी खबर। महाकौशल, विंध्य और बुंदेलखंड के मरीजों को अब बेहतर इलाज के लिए नागपुर, इंदौर, मुंबई या दिल्ली नहीं भागना पड़ेगा। स्टेट कैंसर अस्पताल, जबलपुर में 42 करोड़ रुपये की अत्याधुनिक लीनियर एक्सीलेरेटर (LINAC) मशीन पहुंच गई है।

आधुनिक रेडियोथेरेपी की नई शुरुआत

मशीन का इंस्टॉलेशन शुरू हो चुका है। इसके चालू होने के बाद कैंसर मरीजों को उच्च सटीकता वाली रेडियोथेरेपी मिल सकेगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह मशीन ट्यूमर के आकार और स्थान के हिसाब से उच्च ऊर्जा वाली एक्स-रे या इलेक्ट्रॉन बीम से कैंसर कोशिकाओं को निशाना बनाती है, जबकि आसपास के स्वस्थ ऊतकों को न्यूनतम नुकसान पहुंचाती है।

डॉ. लक्ष्मी सिंगोतिया, अधीक्षक, स्टेट कैंसर अस्पताल ने बताया:

“लीनियर एक्सीलेरेटर और सीटी सिमुलेटर मशीनें मिल गई हैं। इनके इंस्टॉलेशन में 6 से 9 महीने का समय लगेगा। मशीनें शुरू होने के बाद मरीजों को बेहतर और तेज इलाज मिल सकेगा।”

साथ आई सीटी सिमुलेटर मशीन

LINAC के साथ सीटी सिमुलेटर भी पहुंच गया है। यह मशीन रेडिएशन थेरेपी की प्लानिंग के लिए इस्तेमाल होगी, जिसमें ट्यूमर की सटीक लोकेशन और आकार की जांच की जाती है। इससे रेडिएशन सिर्फ कैंसर कोशिकाओं पर ही केंद्रित होगा।

वर्तमान स्थिति और फायदा

अभी अस्पताल में रोजाना:

  • 100-125 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं
  • 70-80 मरीज रोजाना रेडियोथेरेपी (सिंकाई) के लिए इंतजार कर रहे हैं (1 महीने तक का वेटिंग)
  • 40-50 मरीज रोजाना कीमोथेरेपी ले रहे हैं

नई मशीन आने के बाद लंबी प्रतीक्षा सूची खत्म हो जाएगी और मरीजों को घर के पास ही विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध होगा।

लीनियर एक्सीलेरेटर मशीन कैसे काम करती है?

  • ट्यूमर की गहराई और आकार को सटीकता से मापती है
  • हाई-एनर्जी बीम से सिर्फ कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करती है
  • स्वस्थ अंगों को बचाती है
  • सर्जरी की जरूरत कम करती है
  • दर्द और साइड इफेक्ट्स भी कम होते हैं

नया कैंसर अस्पताल परिसर तैयार होने के बाद से ही यह मशीन खरीदने की मांग जोर-शोर से उठ रही थी, जो अब पूरी हो गई है।

यह मशीन न सिर्फ इलाज की गुणवत्ता बढ़ाएगी, बल्कि मरीजों के परिवारों पर आर्थिक और मानसिक बोझ भी कम करेगी।

जबलपुर के कैंसर मरीजों के लिए ये एक बड़ी उम्मीद की किरण है। मशीन के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद अपडेट्स लगातार मिलते रहेंगे।