खड़गपुर। पश्चिम बंगाल में आगामी दीपावली, काली पूजा और जगद्धात्री पूजा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार पूरी स्थिति पर नजर रख रही है। इसके लिए प्रत्येक कैबिनेट मंत्री को एक-एक जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि त्योहारों के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो और लोग पूरे उत्साह के साथ पर्व मना सकें।पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि केवल कोलकाता ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल में दीपावली, काली पूजा और जगद्धात्री पूजा शांतिपूर्ण एवं सुचारू रूप से संपन्न हों। प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं और कानून-व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है।
इस बीच, कोलकाता पुलिस ने काली पूजा और उसके बाद होने वाले मूर्ति विसर्जन जुलूसों को देखते हुए शहर में यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। पुलिस की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, 8 से 11 नवंबर तक कई प्रमुख सड़कों पर मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इसके अलावा कुछ स्थानों पर पार्किंग और यात्रियों के पिकअप एवं ड्रॉप-ऑफ पर भी रोक लगाई जाएगी।
दूसरी ओर, दिल्ली के रामलीला मैदान में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी पहले खुद राष्ट्रीय स्तर पर नेता बनने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन अब उनके पास कुछ नहीं बचा है। वह आज जनप्रतिनिधि भी नहीं हैं। ऐसे में उन्हें मजबूरी में सोनिया गांधी को अपना नेता मानना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब उनकी पार्टी कमजोर हो चुकी है और उन्हें जो उचित लगे, वह कर सकती हैं।
वहीं, नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत 31 दिसंबर 2026 तक पश्चिम बंगाल में 2.5 लाख लोगों को नागरिकता देने की घोषणा पर दिलीप घोष ने कहा कि कई लोगों ने जानकारी के अभाव में अब तक आवेदन नहीं किया है। सरकार जल्द ही आवश्यक व्यवस्था करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बांग्लादेश से आए किसी भी हिंदू शरणार्थी को नागरिकता से वंचित नहीं रखा जाएगा।
बता दें कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी नागरिकता आवेदनों की प्रक्रिया तेज करने की बात कही थी। उन्होंने 31 दिसंबर तक 2.5 लाख आवेदकों को सीएए के तहत नागरिकता देने का लक्ष्य बताया। साथ ही मतुआ समुदाय के विकास के लिए 50 करोड़ रुपए देने और नागरिकता प्राप्त करने वाले पात्र अनुसूचित जाति के आवेदकों को एससी प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।















