ओकाजाकी। एशियन गेम्स 2026 में राजेश जाधव और चिकिता तनिपार्थी की भारतीय मिक्स्ड कंपाउंड आर्चरी टीम ने फाइनल में जगह बना ली है। बुधवार को ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में हुए सेमीफाइनल मुकाबले में राजेश-चिकिता की जोड़ी ने थाईलैंड के पीरावत रत्तनपोंगकियाट और कानोकनापुस काएवचोमफू को 156-155 से शिकस्त दी।भारतीय जोड़ी का मुकाबला साउथ कोरिया और चीन के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। महिला टीम के गोल्ड मेडल जीतने में शामिल होने के बाद यह इन गेम्स में चिकिता का दूसरा गोल्ड मेडल मैच होगा। चिकिता और राजेश ने तीन 10 और एक 9 के स्कोर के साथ शुरुआत की। थाईलैंड की शुरुआत खराब रही, उन्होंने 9 और 8 स्कोर किए और फिर दो 10 लगाए। पहले एंड के बाद भारत 39-37 से आगे था।
दूसरे राउंड में कानोकनापुस ने 9 और पीरावत ने फिर से 10 स्कोर किया। चिकिता और साहिल दोनों ने 10-10 का स्कोर किया और भारत की बढ़त तीन अंकों की हो गई। दूसरे राउंड के अंत में चिकिता और साहिल दोनों के 9 स्कोर करने के बाद भारत 77-75 से आगे था। थाईलैंड ने तीसरे राउंड की शुरुआत बेहतरीन 10 के साथ की, लेकिन भारत ने कोई गलती नहीं की और 117-115 की बढ़त बनाए रखी।
आखिरी राउंड में थाई जोड़ी ने बेहतरीन 10 के साथ शुरुआत की। हालांकि, चिकिता ने 9 स्कोर किया जिससे भारत की बढ़त एक अंक कम हो गई। मगर साहिल ने 10 स्कोर किया और भारत 136-135 से आगे हो गया। भारत पर थोड़ा दबाव था, क्योंकि कानोकनापुस और पीरावत दोनों ने 10 स्कोर किए। हालांकि, चिकिता ने 10 लगाया और फिर साहिल ने एक और 10 लगाकर जीत पक्की कर दी, जिससे भारत 156-155 से जीतकर फाइनल में पहुंच गया। चिकिता की नजरें आइची-नागोया में अपने दूसरे मेडल पर हैं।
इससे पहले उन्होंने पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम के साथ मिलकर महिलाओं के टीम इवेंट में चीन को 238-234 से हराकर गोल्ड मेडल जीता है। भारत ने 2018 में इस इवेंट में सिल्वर और 2014 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। महाद्वीपीय स्तर के इस बड़े टूर्नामेंट के मौजूदा संस्करण में यह भारत का सातवां गोल्ड मेडल है। कुल मिलाकर, भारत के पास अभी 53 मेडल हैं, जिनमें सात गोल्ड, 21 सिल्वर और 25 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
भारतीय पुरुष कंपाउंड टीम भी बुधवार को साउथ कोरिया के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल में हिस्सा लेगी। हांगझोऊ 2023 में भारत का एशियन गेम्स आर्चरी कैंपेन सबसे सफल रहा था। भारत ने 5 गोल्ड, 2 सिल्वर और दो ब्रॉन्ज समेत कुल 9 मेडल जीते थे। कंपाउंड तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दांव पर लगे सभी 5 गोल्ड मेडल अपने नाम किए थे। वहीं, रिकर्व वर्ग में भारतीय टीमों ने 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल जीता था।












