गुना। मध्य प्रदेश के गुना और चाचौड़ा अंचल में पूर्व आईपीएस अधिकारी रघुवीर सिंह मीणा के खिलाफ अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र निरस्त होने के बाद एफआईआर दर्ज होने से राजनीतिक पारा चढ़ गया है। पूर्व आईपीएस पर एफआईआर दर्ज होते ही उनकी पत्नी और चाचौड़ा की पूर्व विधायक ममता मीणा खुलकर मैदान में उतर आई हैं। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के दबाव में की गई 'राजनीतिक दुर्भावना' करार दिया है।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी
पूर्व विधायक ममता मीणा ने खुले तौर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर आरोप लगाते हुए सीधी लड़ाई का ऐलान किया है: ममता मीणा ने कहा कि हाल ही में उन्होंने सिंधिया के 'महाराज' कहलवाने और उनकी 'सामंती सोच' का विरोध किया था, जिसके कारण पुलिस मुख्यालय (PHQ) और मुख्यमंत्री स्तर पर राजनीतिक दबाव बनवाकर यह कार्रवाई कराई गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब वे ग्वालियर-चंबल संभाग और श्योपुर क्षेत्र में घर-घर जाकर सिंधिया की नीतियों और कार्यशैली को जनता के सामने बेनकाब करेंगी।
जाति प्रमाण पत्र विवाद और अदालती लड़ाई
मामले में आरोपी बनाए गए पूर्व IPS रघुवीर सिंह मीणा ने भी अपनी सफाई जारी की है: रघुवीर सिंह मीणा ने बताया कि वर्ष 1984 में जारी उनके एसटी प्रमाण पत्र को उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने अमान्य घोषित किया था। वर्ष 2021 में हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने उन्हें पक्ष रखने का अवसर देते हुए मामला वापस समिति को भेजा था। उन्होंने कहा कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और वे आगे की कानूनी लड़ाई पूरी मजबूती से अदालत में लड़ेंगे।
कौन हैं ममता मीणा?
ममता मीणा गुना जिले की चाचौड़ा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की विधायक रह चुकी हैं। वे जिला पंचायत गुना की अध्यक्ष भी रही हैं और क्षेत्र में उनका मजबूत जनाधार माना जाता है। ज्योतिरादित्य सिंधिया से उनकी पुरानी राजनीतिक अदावत रही है, जो अब खुलकर सरेआम आ गई है।




