इंदौर। इंदौर में शनिवार को आयोजित लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' संवाद कार्यक्रम की हलचल रविवार को भी राजनीतिक गलियारों में जारी रही। रविवार सुबह मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर कार्यक्रम की झलकियों का एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में युवाओं का उत्साह, राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की कामना वाली शायरी और मध्य प्रदेश की शिक्षा व भर्ती प्रणाली की बदहाली का दर्द साफ उजागर हुआ।
'2029 में आप PM बनना, वरना हम ठिकाने लग जाएं'—युवा की शायरी हुई वायरल
जीतू पटवारी द्वारा जारी वीडियो में एक प्रतियोगी छात्र ने मंच से देश की राजनीतिक स्थिति और राहुल गांधी से अपनी उम्मीदों को शायरी के माध्यम से बयां किया: "राहें देखेंगे तेरी, चाहे ज़माने लग जाएं! या तो 2029 में आप PM बनना, वरना हम ठिकाने लग जाएं!" छात्रों ने संवाद के दौरान राहुल गांधी के सामने देश और प्रदेश में युवाओं को आ रही व्यावहारिक व मानसिक परेशानियों को प्रमुखता से रखा।
6 साल में भी नर्सिंग पूरी नहीं, MPPSC की अटकी भर्तियों का छलका दर्द
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने सीधे छात्रों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं। संवाद के दौरान छात्रों ने कई ज्वलंत मुद्दे उठाए: छात्रा याशिका दानी ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि उन्होंने 2020 में नर्सिंग कोर्स में दाखिला लिया था। वर्ष 2026 आ चुका है, लेकिन वे अब भी थर्ड ईयर में ही अटकी हुई हैं। न तो रिजल्ट समय पर आ रहे हैं और न ही फोर्थ ईयर की परीक्षाएं हो पा रही हैं। आत्मनिर्भर बनने का सपना देखने वाले युवा बेरोजगारी का दंश झेलने को मजबूर हैं। अन्य अभ्यर्थियों ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की कई वर्षों से लंबित भर्तियों, परीक्षा परिणामों में देरी, ओवरएज (उम्र सीमा पार) होने की पीड़ा, आरक्षण के कारण अटकी नियुक्तियों और विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता की कमी के सवाल उठाए।
'प्राइवेटाइजेशन और कम बजट से छात्र खतरे में'—राहुल गांधी
छात्रों के सवालों और संवाद के बीच राहुल गांधी ने शिक्षा के निजीकरण और सरकारी बजट में कटौती पर केंद्र व राज्य सरकार को घेरा: राहुल गांधी ने कहा कि अत्यधिक निजीकरण (Privatization) के कारण मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में करीब 55 प्रतिशत स्कूल बंद होने की कगार पर हैं या बंद हो चुके हैं। हॉस्टल की सुविधा महज 14 प्रतिशत छात्रों को ही मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि जब सरकार शिक्षा क्षेत्र में बजटीय आवंटन कम करती है, तो सबसे पहले देश का छात्र खतरे में पड़ता है। कार्यक्रम के दौरान दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे की एक वीडियो क्लिप दिखाकर इसे प्रशासनिक व संस्थागत सिस्टम की विफलता बताया गया। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों का सबसे बड़ा हथियार सवाल पूछना है। सरकार व व्यवस्था को छात्रों के सवालों से डरने के बजाय उनके जवाब देने चाहिए।




