बीजिंग। चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (एनपीसी) की 14वीं स्थायी समिति का 25वां सत्र शुक्रवार सुबह राजधानी पेइचिंग में स्थित जन वृहद भवन में संपन्न हुआ। सत्र में मतदान के बाद अभियोजन जनहित वाद कानून, अंटार्कटिक गतिविधियों एवं पर्यावरण संरक्षण कानून, संशोधित जल कानून, सीमा पार भ्रष्टाचार-रोधी कानून तथा आपातकालीन घटनाओं से निपटने के कानून सहित 15 कानूनों से संबंधित निर्णय पारित किए गए। सत्र में चीनी राष्ट्रीय उद्योग एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ली लेछेंग को पद से मुक्त करने का निर्णय भी लिया गया। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने क्रमशः 86वें से 91वें,यानी कुल छह राष्ट्रपति आदेश पर हस्ताक्षरित किए।

सत्र में स्थायी समिति के 154 सदस्य उपस्थित थे, जो कोरम पूरा करता है। सत्र में ‘विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई सहयोग संगठन की स्थापना पर समझौते’ को मंजूरी देने का निर्णय भी पारित हुआ। इसके अलावा, स्थायी समिति की निगरानी एवं न्याय समिति, वित्तीय एवं आर्थिक समिति, पर्यावरण एवं संसाधन संरक्षण समिति, कृषि एवं ग्रामीण समिति तथा सामाजिक निर्माण समिति द्वारा 14वीं एनपीसी स्थायी समिति के चौथे सत्र के अध्यक्ष मंडल को सौंपे गए प्रतिनिधियों के प्रस्तावों की समीक्षा संबंधी रिपोर्टें पारित की गईं। साथ ही सत्र में स्थायी समिति की प्रतिनिधि योग्यता जांच समिति की कुछ प्रतिनिधियों की योग्यता संबंधी रिपोर्ट भी पारित हुई।

समापन के बाद स्थायी समिति ने 25वां विशेष व्याख्यान भी आयोजित किया। चीनी सामाजिक विज्ञान अकादमी के अध्यक्ष एवं पार्टी सचिव काओ श्यांग ने ‘सीपीसी की 20वीं केंद्रीय समिति के पांचवें पूर्ण सत्र की भावना को गहराई से लागू करना तथा व्यापक और कठोर पार्टी अनुशासन को निरंतर आगे बढ़ाना’ विषय पर व्याख्यान दिया।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)