कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी के दक्षिण कोलकाता स्थित आवास के बाहर हुई कथित झड़पों को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में तनाव पैदा करने के लिए भाजपा और पुलिस ने मिलकर साजिश रची है।
ममता बनर्जी कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास पहुंचीं, जो उनके अपने घर के करीब है, और वहां पत्रकारों से बातचीत की।
अभिषेक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के डायंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। ममता ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह इस मामले को देश की सर्वोच्च अदालत तक लेकर जाएंगी। उनका आरोप है कि घटना के दौरान पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। दोनों के आवास दक्षिण कोलकाता के एक ही इलाके में स्थित हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, "भाजपा समर्थित असामाजिक तत्वों के एक समूह ने रात 2 बजे के बाद अभिषेक के घर पर हमला कराया। पुलिस मूकदर्शक बनी रही।"
ममता ने विशेष रूप से कालीघाट थाने के प्रभारी बोलाई बाग का नाम लेते हुए कहा कि उनके कदमों से जनता में आक्रोश पैदा हो सकता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस पर उनके आवास पर आयोजित होने वाली वार्षिक काली पूजा में बाधा डालने और लोगों को वहां आने से रोकने की कोशिश का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों और भारी पुलिस तैनाती के कारण पूजा से पहले इलाके में तनाव का माहौल बन गया है।
उन्होंने कहा, "काली पूजा से पहले इस इलाके में जानबूझकर अशांति का माहौल बनाया गया है। पुराने क्लबों की पूजा रोकी जा रही है, जबकि नई पूजाएं रातोंरात शुरू हो रही हैं। मेरे घर के प्रवेश मार्ग को लगभग बंद कर दिया गया है और वहां नई पूजाओं का आयोजन कराया गया है। पुलिस की गाड़ियां भी जानबूझकर मेरे घर के प्रवेश द्वार पर खड़ी की गई हैं। पुलिस ने बीएनएसएस, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा भी लागू कर दी है।"
ममता ने दावा किया कि उनके घर के बाहर लोगों के जुटने को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।
उन्होंने कहा, "इसी कारण पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है, ताकि मेरे घर के सामने कोई भीड़ इकट्ठा न हो सके। यह सब काली पूजा के अवसर पर लोगों को मेरे घर आने से रोकने के लिए किया जा रहा है।"
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि शनिवार तड़के अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर पैदा हुए तनाव के पीछे भाजपा का हाथ था। उन्होंने लोकतंत्र के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, "एक तरफ वे राज्य में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रैलियां कर रहे हैं और दूसरी तरफ वही लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था को कुचल रहे हैं।"
ममता ने राज्य प्रशासन की भी आलोचना की और परोक्ष रूप से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का जिक्र करते हुए कहा, "मैं भाजपा के सभी लोगों को दोष नहीं दे रही हूं, लेकिन पश्चिम बंगाल में प्रशासन का नेतृत्व कर रहा व्यक्ति इन सब घटनाओं के पीछे है।"













