छतरपुर, विनोद मिश्रा। छतरपुर के गांधी आश्रम में विभिन्न महिला संगठनों की महिलाओं ने जिले और प्रदेश में लगातार बढ़ रही दुष्कर्म, गैंगरेप, अत्याचार और नाबालिग बच्चियों के साथ हो रही घटनाओं को लेकर चिंतन-मनन बैठक आयोजित की। बैठक में हाल ही में बस स्टैंड क्षेत्र में नाबालिग के साथ हुई गैंगरेप की घटना तथा नीट छात्रा को बंधक बनाकर दुष्कर्म किए जाने जैसी घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कड़ी निंदा की गई।


बैठक में महिलाओं ने कहा कि समाज को जागरूक किए बिना इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाना संभव नहीं है। इसके लिए अब महिला संगठन गांव-गांव जाकर लोगों को बेटियों की सुरक्षा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करेंगे।


महिलाओं ने मांग की कि बस स्टैंड क्षेत्र में बंद पड़ी पुलिस चौकी को जल्द शुरू किया जाए तथा पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। उनका कहना था कि पुलिस को जनता के बीच जाकर लगातार संवाद स्थापित करना चाहिए। साथ ही माता-पिता को भी अपने बच्चों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।


बैठक में बड़ामलहरा की उस मासूम बच्ची का मामला भी उठाया गया, जिसके साथ दुष्कर्म के बाद पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। महिलाओं ने कहा कि आरोपियों को सजा मिलने के बाद भी पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहा है और बच्ची के पिता लगातार दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।


महिला संगठनों ने एक स्वर में कहा कि बेटियों की सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। समाज को जागरूक कर ही सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।


बैठक में प्रभा वैद्य, दीप्ति जैन, शुभा खरे, मर्जिना बानो, रजनी सिंह परमार, अनवरी खातून, अनुराधा जाटव, अक्षरा कुशवाहा, पूजा अहिरवार, उर्मिला अहिरवार, हीरा देवी चंदेल, दमयंती, शिवानी सिंह सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।