इंदौर, रविकांत वर्मा। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सोशल मीडिया और अश्लील वीडियो के सहारे रसूखदारों को जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये ऐंठने वाले एक बेहद शातिर और संगठित 'हनीट्रैप गिरोह' का सनसनीखेज पर्दाफाश हुआ है। इस गिरोह ने शहर के एक बड़े शराब कारोबारी को अपनी कूटनीतिक और हुस्न के जाल में फंसाकर उनके कुछ बेहद निजी अश्लील फोटो और वीडियो तैयार कर लिए। इसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का वो गंदा खेल, जिसकी गूंज अब पूरे प्रदेश के प्रशासनिक और व्यापारिक गलियारों में सुनाई दे रही है।
1 करोड़ की डिमांड, मना करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित शराब कारोबारी जितेंद्र ठाकुर ने हिम्मत दिखाकर मामले की शिकायत इंदौर क्राइम ब्रांच से की। जानकारी के अनुसार, गिरोह ने कारोबारी के कुछ अश्लील वीडियो और फोटो अपने पास होने का दावा करते हुए उन्हें समाज में बदनाम करने की धमकी दी। इस बदनामी का खौफ दिखाकर आरोपियों ने कारोबारी के सामने सीधे 1 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम की डिमांड रख दी। जब जितेंद्र ठाकुर ने इतनी बड़ी रकम देने से साफ इनकार कर दिया, तो आरोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने वीडियो को सोशल मीडिया और अन्य पब्लिक प्लेटफॉर्म पर सरेआम सार्वजनिक करने की खुली धमकी दे डाली।
भोपाल से इंदौर तक फैला था जाल, ये हुए गिरफ्तार
व्यापारी की गरिमा से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर क्राइम ब्रांच ने जाल बिछाया और तकनीकी इनपुट्स के आधार पर इस सिंडिकेट से जुड़े चार मुख्य चेहरों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
श्वेता जैन (निवासी भोपाल) – जो इस पूरे खेल की मुख्य कड़ियों में से एक बताई जा रही है।
अलका दीक्षित (निवासी इंदौर)
अलका का बेटा
लाखन पटेल (अलका का बेहद करीबी मित्र)
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से अमीर और रसूखदार शिकार को चिन्हित करता था। इसके बाद गिरोह की महिलाएं सोशल मीडिया के जरिए नजदीकी बढ़ाती थीं और फिर एकांत के पलों को खुफिया कैमरों में कैद कर ब्लैकमेलिंग का सिंडिकेट शुरू होता था।
खाकी पर भी लगा दाग, पुलिसकर्मी विनोद शर्मा हिरासत में
इस पूरे मामले में सबसे सनसनीखेज और चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब जांच की आंच खुद इंदौर पुलिस के एक कर्मचारी तक पहुंच गई। इस ब्लैकमेलिंग नेटवर्क में इंदौर में ही पदस्थ पुलिसकर्मी विनोद शर्मा की भूमिका भी बेहद संदिग्ध पाई गई है। आरोप हैं कि खाकी की धौंस का इस्तेमाल भी इस वसूली के खेल में किया जा रहा था। क्राइम ब्रांच ने तत्परता दिखाते हुए पुलिसकर्मी विनोद शर्मा को भी हिरासत में ले लिया है और उससे बंद कमरे में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
मोबाइल चैट्स खोलेंगे कई सफेदपोशों के राज
क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, गैजेट्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों के फोन से मिले व्हाट्सएप चैट्स, डिलीट किए गए डेटा और कॉन्टैक्ट लिस्ट को खंगालने पर कई और रसूखदार व सफेदपोश शिकारों के नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेक्सस की आखरी कड़ी को जोड़ने में जुटी है और आने वाले दिनों में इस 'हनीट्रैप' कांड में कई बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।



