टीकमगढ़, मोहसिन अहमद। भाजपा युवा मोर्चा कार्यकर्ता अंकित पाराशर द्वारा पूर्व विधायक राकेश गिरी गोस्वामी पर लगाए गए मानसिक प्रताड़ना, धमकी और अभद्र व्यवहार के आरोपों के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में अंकित पाराशर ने पूर्व विधायक पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।


इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक राकेश गिरी गोस्वामी ने सभी आरोपों को निराधार, मनगढ़ंत और राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया और अन्य लोगों के माध्यम से मिली है। उनका कहना है कि न तो उनकी कभी अंकित पाराशर से फोन पर कोई बातचीत हुई है और न ही उनके पास उसका मोबाइल नंबर है।


राकेश गिरी ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में नगर पालिका क्षेत्र के लिए नाली निर्माण, सीवेज प्लांट, ऑडिटोरियम निर्माण, महेंद्र सागर तालाब पुनर्भरण योजना और नल-जल परियोजनाओं सहित लगभग 33 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत कराए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन विकास कार्यों के कारण कुछ राजनीतिक लोग परेशान हैं और उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से यह पूरा घटनाक्रम रचा गया है।


पूर्व विधायक ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि अंकित पाराशर की कॉल डिटेल निकाली जाए और यह जांच की जाए कि वह किन लोगों के संपर्क में था। साथ ही उन्होंने मेडिकल जांच कराने की भी मांग की ताकि पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सके।


उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से उनकी व्यक्तिगत, पारिवारिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है। इसके चलते वह पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपेंगे और न्यायालय की शरण लेकर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।


गौरतलब है कि अंकित पाराशर ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में पूर्व विधायक पर मानसिक प्रताड़ना, झूठे मामलों में फंसाने और धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। वहीं राकेश गिरी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है।


फिलहाल आरोप-प्रत्यारोप के इस विवाद ने जिले की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजरें पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और संभावित कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।