छतरपुर। शुक्रवार को छतरपुर जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में कलेक्टर पार्थ जैसवाल का सबसे कड़ा प्रशासनिक रुख देखने को मिला है। शासकीय दायित्वों में लापरवाही बरतने, प्रसव अपडेशन में ढिलाई और स्वास्थ्य योजनाओं में उदासीनता दिखाने वाले मैदानी अमले से लेकर ब्लॉक स्तर के आला अधिकारियों पर कलेक्टर ने सीधी और बड़ी कार्रवाई की है। बैठक के दौरान शासकीय कार्य में घोर लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर ने 1 डॉक्टर की संविदा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने, 2 बीएमओ की वेतन वृद्धि रोकने, 2 टीबी अधिकारियों व 3 बीएमओ/डॉक्टरों (कुल 5 अधिकारियों) का वेतन काटने, 1 एसएमओ पर कार्रवाई प्रस्तावित करने और 29 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस (शोकॉज) थमाने के निर्देश जारी किए हैं।
हरपालपुर डॉक्टर की संविदा समाप्त, 2 बीएमओ की रुकी वेतन वृद्धि
कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर की शिथिलता को अक्षम्य मानते हुए सख्त कार्रवाई की है। अस्पताल में लगातार अनुपस्थित रहने और अन्य गंभीर शिकायतें मिलने पर हरपालपुर में पदस्थ डॉक्टर विष्णु प्रकाश मिश्रा की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, प्रसव (डिलेवरी) से जुड़े आंकड़ों का समय पर अपडेशन नहीं करने को लेकर कड़ी नाराजगी जताते हुए नौगांव और ईशानगर के बीएमओ की आगामी वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) पर रोक लगा दी गई है। वहीं, देवरा की एसएमओ डॉ. नीलम गुप्ता के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित करने के आदेश दिए गए हैं। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (निःक्षय अभियान) की समीक्षा के दौरान कम स्क्रीनिंग और कार्यों में लापरवाही मिलने पर कलेक्टर ने नौगांव और छतरपुर शहरी क्षेत्र के दोनों टीबी अधिकारियों का 15-15 दिन का वेतन काटने का फरमान सुनाया है। इसके अतिरिक्त, मेडीको-लीगल केस (एमएलसी) के निपटारे में देरी और लापरवाही बरतने के मामले में स्वास्थ्य केंद्र मातगुवां व महाराजपुर के 2 डॉक्टरों तथा बकस्वाहा, लवकुशनगर व बिजावर के 3 बीएमओ का 2-2 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएमओ, सीडीपीओ, बीसीएम और मैदानी अमले को कारण बताओ नोटिस
बैठक में शासकीय लक्ष्यों को पूरा न करने पर कलेक्टर ने जिले भर के विभिन्न पदों पर तैनात अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं:
- बीएमओ और सीडीपीओ: हाई रिस्क महिलाओं के उचित प्रबंधन (मैनेजमेंट) में लापरवाही पर बिजावर व गौरिहार के 2 बीएमओ को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही, कुपोषित (सेम-मेम) बच्चों के पंजीयन में लापरवाही मिलने पर बड़ामलहरा और बकस्वाहा के 2 सीडीपीओ को भी शोकॉज नोटिस थमाया गया है।
- बीसीएम और एपीएम: 18 बाल मृत्यु मामलों में से मात्र 7 का रिव्यू करने पर बकस्वाहा के 1 बीसीएम को और एनसीडी स्क्रीनिंग महज 42 प्रतिशत होने पर छतरपुर के 1 एपीएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
- टीकाकरण में लापरवाही पर नोटिस: यूविन पोर्टल पर टीकाकरण की एंट्री बेहद कम होने पर लवकुशनगर के 1 बीएमओ को नोटिस दिया गया है और वहां के बीपीएम का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा पोर्टल पर 21 सत्रों (जिसमें बकस्वाहा के 7, बिजावर के 5, नौगांव के 4, राजनगर के 2, बड़ामलहरा के 2 और गौरिहार का 1 सत्र शामिल है) में शून्य प्रविष्टि मिलने पर संबंधित सभी 21 एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा गया है। कुपी व देवरा में गर्भवती महिलाओं के पंजीयन में लापरवाही मिलने पर वहां की 2 एएनएम पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
प्रसव के 15 दिन पूर्व से होगी मॉनिटरिंग, फॉलोअप न करने वाली आशाओं पर होगी कार्रवाई
मातृ मृत्यु दर की गंभीरता से समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी बीएमओ को निर्देश दिए कि प्रसव के संभावित समय से 15 दिन पहले ही हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं (HRP) की सूची डिलीवरी पॉइंट्स पर उपलब्ध कराई जाए। इन महिलाओं की सघन मॉनिटरिंग की जाए और लगातार उनका हाल-चाल जाना जाए। कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा कि यदि किसी महिला के पहले प्रसव के बाद संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता ने उसके घर जाकर फॉलोअप (विजिट) नहीं किया है, तो उनके विरुद्ध तत्काल प्रभाव से दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
14 जुलाई से चलेगा दस्तक अभियान, भुगतानों को तुरंत क्लियर करने के आदेश
बैठक में स्वास्थ्य केंद्रों पर जरूरी दवाओं जैसे एमोक्सिसिलिन की उपलब्धता वीएचएनडी (VHND) सत्रों पर तुरंत सुनिश्चित करने तथा वजन के हिसाब से बच्चों को दवा देने के निर्देश दिए गए हैं। जननी सुरक्षा योजना सहित प्रसव के बाद माताओं को दी जाने वाली सभी राशियों के लंबित भुगतानों को तत्काल खाते में भेजने (क्लियर करने) के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही, जिले में 14 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक 'दस्तक अभियान सह स्टॉप डायरिया कैंपेन' का आयोजन किया जाएगा, जिसमें एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का संयुक्त दल 5 वर्ष तक की आयु के बच्चों के घर-घर जाकर स्वास्थ्य सेवाएं देगा। कलेक्टर ने अंत में सख्त हिदायत दी कि भविष्य में होने वाले मातृ मृत्यु के मामलों में मृतका के परिजनों सहित क्षेत्र के बीएमओ और पूरे फील्ड स्टाफ को व्यक्तिगत रूप से बुलाया जाएगा और सूक्ष्म समीक्षा के बाद दोषियों पर सीधी कठोर कार्रवाई की जाएगी।




