बमीठा, अशोक नामदेव। केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापित गांवों में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने को लेकर सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की जा रही है। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने कहा है कि पत्रकारिता का उद्देश्य सच को सामने लाना होना चाहिए, न कि भ्रम फैलाने वाली खबरों को बढ़ावा देना। उन्होंने कहा कि ऐसे भ्रामक समाचारों से गांवों का माहौल खराब होता है और लोगों में अनावश्यक तनाव उत्पन्न होता है।


बताया गया कि प्रशासन भी भीषण गर्मी के बीच लगातार क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगा रहा है। अधिकारी और कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, इसलिए उनके सकारात्मक प्रयासों को भी सामने लाना जरूरी है। लोगों ने मीडिया से अपील की है कि प्रशासन के अच्छे कार्यों को प्रमुखता से दिखाया जाए, ताकि क्षेत्र में सौहार्द और विश्वास का वातावरण कायम रह सके।


इसी बीच ढोडन गांव की आदिवासी युवती संतोषी का विवाह सूरजपुरा निवासी भूपेंद्र आदिवासी के साथ बमीठा स्थित सुदामा पैलेस में बड़े ही धूमधाम से संपन्न हुआ। भूपेंद्र आदिवासी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती आदिवासी एवं प्राण पटवारी के पुत्र हैं तथा पेशे से अधिवक्ता हैं। विवाह समारोह में दोनों परिवारों के परिजन एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। संतोषी का परिवार शाम 6 बजे सुदामा पैलेस पहुंचा, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराया गया।