बालाघाट, रितेश सोनी। बैगा बाहुल्य ग्राम जगला में बच्चों की लगातार मौत और ग्रामीणों की बदहाल स्थिति के बीच मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने सामाजिक सरोकार की पहल करते हुए जगला सहित छह गांवों को गोद लेने का निर्णय लिया है। संघ के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत भोज ने बताया कि प्रदेशाध्यक्ष शलभ भदौरिया के मार्गदर्शन में कोरका, बोंदारी, अडोरी, कुंडेकसा, तबलुटोला और जगला में राहत एवं सेवा कार्य किए जाएंगे।
राहुल गांधी के एक अक्टूबर को जगला पहुंचने के बाद यह गांव राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। प्रशासन के अनुसार क्षेत्र में अब तक 32 बच्चों की मौत हुई है, जबकि स्थानीय विधायक ने यह संख्या 45 बताई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा, राशन और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। जगला में स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और राशन दुकान तक नहीं है, जबकि नव्ही से गांव तक करीब साढ़े चार किलोमीटर का रास्ता पहाड़ी और खराब स्थिति में है।
ग्राम में चार बच्चों की मौत की जानकारी प्रशासनिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होने का मामला भी सामने आया है। इनमें सरस्वती, आबित, नीलम और बिस्तु नाम के मासूम शामिल बताए गए हैं। परिजनों को शासन से मिलने वाली सहायता राशि अब तक नहीं मिलने की बात कही गई है। राहुल गांधी ने अपने दौरे के दौरान इन परिवारों से मुलाकात कर 50-50 हजार रुपये के चेक दिए थे।
छह गांवों में पहुंचाई जाएगी राहत सामग्री
मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने जगला और तबलुटोला पहुंचकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को साड़ी, खाद्य सामग्री, दैनिक उपयोग की वस्तुएं तथा प्राथमिक उपचार की दवाइयां वितरित कीं। इस दौरान पत्रकारों ने ग्रामीणों से उनकी समस्याएं जानीं और उन्हें शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। संघ का कहना है कि राहत कार्य के साथ ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने का भी प्रयास किया जाएगा।
राहुल गांधी की गोद में खेला लोकेश, मां ने नाम रखा राहुल गांधी
जगला निवासी बम्मनि बाई का सात माह का बेटा लोकेश भी राहुल गांधी के दौरे के बाद चर्चा में है। राहुल गांधी ने बच्चे को अपनी गोद में लेकर दुलार किया था। बम्मनि बाई की बड़ी बेटी की बीमारी से मौत हो चुकी है, जबकि लोकेश भी निमोनिया से पीड़ित रहा है। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद भावुक मां ने अपने बेटे का नाम राहुल गांधी रख दिया। अब गांव में आने वाले लोग बच्चे को दुलारने के साथ उपहार भी दे रहे हैं।
पत्रकारिता के साथ सामाजिक सरोकार जरूरी : भोज
जिलाध्यक्ष इंद्रजीत भोज ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार लिखने और प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाना भी पत्रकारिता का दायित्व है। उन्होंने कहा कि दक्षिण बैहर के बैगा बाहुल्य गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और खाद्यान्न जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता से उपलब्ध कराया जाना चाहिए। बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों की जांच कर पीड़ित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता तत्काल दी जानी चाहिए।
राहत एवं सेवा कार्य में महासचिव ओमेंद्र बिसेन, उपाध्यक्ष श्रवण शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार रफी अहमद अंसारी, अखलेश ठाकुर, संतोष बिसेन, देवदत्त धानेश्वर, विशाल महानंद सहित श्रमजीवी पत्रकार संघ के अनेक पदाधिकारी और पत्रकार साथी मौजूद रहे।











