अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की कथित टिप्पणी पर संत समाज के बीच नाराजगी खुलकर सामने आ रही है। अयोध्या स्थित तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने इस बयान को अत्यंत निंदनीय और अमर्यादित बताते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक वे अपने शब्द वापस लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से क्षमा नहीं मांगते, तब तक उन्हें अयोध्या में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
परमहंस आचार्य ने मंगलवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जिस प्रकार उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तुलना मुगल शासकों से की है, उससे सनातन धर्म को मानने वालों में गहरा आक्रोश है। योगी आदित्यनाथ केवल मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि गोरक्ष पीठ के पीठाधीश्वर भी हैं और उनके प्रति इस तरह की भाषा का प्रयोग अत्यंत निंदनीय और अक्षम्य है।
उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन जन्मभूमि अयोध्या से मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि जब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शब्दों को वापस नहीं लेंगे और योगी जी से क्षमा नहीं मांगेंगे, तब तक उन्हें अयोध्या में घुसने नहीं दिया जाएगा। परमहंस आचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे सनातन के सूर्य हैं और उन्होंने उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने का काम किया है। किसी को उनसे असहमति या शिकायत हो सकती है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में इस प्रकार की भाषा स्वीकार्य नहीं हो सकती।
परमहंस आचार्य ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के गोरक्षा आंदोलन को राजनीति से प्रेरित बताते हुए उस पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि केवल गाय को राष्ट्र माता घोषित करने से संपूर्ण गोवंश की रक्षा नहीं हो पाएगी। उन्होंने तर्क दिया कि यदि सिर्फ गाय की बात की जाएगी तो बैल, बछड़ा और नंदी की हत्या नहीं रुकेगी, जिससे पूर्ण रूप से गौहत्या बंद नहीं मानी जा सकती। उन्होंने केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों से अपील की कि गोवंश को राष्ट्रीय धरोहर और राज्य धरोहर घोषित किया जाए, ताकि संपूर्ण रूप से गौहत्या पर रोक लग सके। उनका कहना था कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का आंदोलन केवल गाय तक सीमित है, जिससे न्याय का संतुलन नहीं बनता।
परमहंस आचार्य ने आरोप लगाया कि गोरक्षा को लेकर चल रहा अविमुक्तेश्वरानंद का आंदोलन विपक्ष के इशारे पर सरकार को कमजोर करने के उद्देश्य से किया जा रहा है, जो सनातन धर्म के हित में नहीं है। उन्होंने इसे पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बताया। परमहंस आचार्य ने सभी सनातनियों से अपील की कि जब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर दिए गए अमर्यादित बयान को वापस नहीं लेते, तब तक उनका सामाजिक और धार्मिक बहिष्कार किया जाए।
--आईएएनएस
Reels
Special Stories

दिल्ली-एनसीआर में बारिश से गिरा तापमान, IMD ने जारी किया 'येलो अलर्ट'

दिल्ली-एनसीआर में बारिश से गिरा तापमान, IMD ने जारी किया 'येलो अलर्ट'
Loading...नई दिल्ली
31.5°
बारिश: 0.0 mmह्यूमिडिटी: 77%हवा: ESE 13.7 km/h
Source: AccuWeather
Latest News

आजाद हुईं केन-बेतवा लिंक परियोजना की आंदोलनकारी दिव्या अहिरवार, हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शाम को जेल से रिहा

राष्ट्रीय सुरक्षा मामले में मकाऊ के पूर्व लोकतंत्र समर्थक सांसद 'आउ काम सैन' को 12.5 साल की जेल

नितिन नवीन के 'माफिया' बयान पर सपा का पलटवार, 2027 में जनता देगी जवाब : जय किशन साहू

लालकृष्ण आडवाणी के 100वें जन्मदिवस पर भाजपा मुख्यालय में विशेष कार्यक्रम, पूजा-हवन से होगी शुरुआत

एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार अस्पताल से हुए डिस्चार्ज, स्वास्थ्य स्थिर

अमित शाह-राजनाथ का जिक्र कर शकील अहमद खान ने परिवारवाद पर नितिन नवीन को घेरा, बोले-आप भी राजनीतिक परिवार से हैं

दूसरा वनडे: भारत के खिलाफ 'लो-स्कोरिंग' मुकाबले में हार, मगर कीवी कप्तान ने अपने गेंदबाज को सराहा

'खालिस्तान जनमत संग्रह' सिर्फ राजनीतिक दिखावा, कनाडा की सड़कों पर बढ़ा तनाव: रिपोर्ट

आरएसएस की शताब्दी यात्रा समर्पण और राष्ट्रसेवा की मिसाल, भारत के संदेश को पूरी दुनिया तक पहुंचाया: नितिन नवीन



