मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। जिले में बारिश की लंबी खेंच के बीच इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए चंद्रपुरा क्षेत्र के लोगों ने अनोखा जतन किया। बारिश की कामना को लेकर लोगों ने श्मशान घाट में गधों से नमक और उड़द की बुवाई कराई। इससे पहले गधों को फूलों की माला पहनाई गई और काल भैरव के समक्ष पूजा-अर्चना कर धार्मिक क्रियाएं की गईं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश नहीं होने पर यह परंपरागत टोटका उनके पूर्वजों के समय से चला आ रहा है। बुधवार रात चंद्रपुरा क्षेत्र के लोगों ने इसी मान्यता के तहत गधों को श्मशान घाट ले जाकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद गधों के माध्यम से नमक और उड़द की बुवाई कराई गई।
इस दौरान दो व्यक्ति भी गधों के पीछे नग्न अवस्था में माला पहनकर चलते नजर आए। आयोजन में शामिल चंद्रपुरा क्षेत्र के पार्षद प्रतिनिधि शैलेंद्र गिरी गोस्वामी ने बताया कि यह परंपरा पूर्वजों के समय से चली आ रही है। मान्यता है कि बारिश नहीं होने पर गधों को श्मशान घाट ले जाकर पूजा और बुवाई करने से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और गधों के घर पहुंचने से पहले ही बारिश शुरू हो जाती है।
बारिश के बाद गधों का होता है सम्मान
इस मान्यता के अनुसार, अच्छी बारिश होने के बाद इन गधों को दोबारा खोजा जाता है। उन्हें फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया जाता है और गुलाब जामुन खिलाए जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2023 और 2025 में भी बारिश के संकट के दौरान इसी तरह का जतन किया गया था। बारिश होने के बाद गधों को दोबारा खोजकर पशुपतिनाथ मंदिर के पास गुलाब जामुन खिलाए गए थे।
पिछले साल की तुलना में करीब 7 इंच कम बारिश
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस वर्ष मंदसौर जिले में पिछले वर्ष की तुलना में करीब 7 इंच कम बारिश दर्ज हुई है। बीते कई दिनों से लोग अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में चंद्रपुरा क्षेत्र के लोगों ने अपने पूर्वजों से चली आ रही मान्यता को दोहराते हुए श्मशान घाट में यह अनोखा आयोजन किया। अब स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस जतन के बाद इंद्रदेव प्रसन्न होंगे और मंदसौर जिले में जल्द ही अच्छी बारिश होगी।




