श्योपुर, उत्तम सिंह। जिले की अतिसंवेदनशील मानी जा रही खाड़ी (श्यामपुर) रेंज में जंगल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पिछले करीब एक साल से अतिक्रमण और वनभूमि पर कब्जे की चुनौती झेल रही इस रेंज में अब खुलेआम हरे पेड़ों की कटाई के आरोप सामने आए हैं।
ग्राउंड से सामने आए विजुअल्स में कई लोग कंधों पर कुल्हाड़ी लेकर जंगल की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं। वहीं कुछ स्थानों पर पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाने और हरे पेड़ों के कटकर जमीन पर गिरे होने के दृश्य भी सामने आए हैं। इन तस्वीरों ने वन क्षेत्र में निगरानी और गश्त की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि मोरेका, महुआमार, टर्रा पश्चिम, श्यामपुर, घुघस और टर्रा पूर्व बीट में वन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि खाड़ी रेंज में पहले से ही करीब एक हजार हेक्टेयर से अधिक वनभूमि अतिक्रमण की चपेट में है। ऐसे में यदि वन कटाई पर भी प्रभावी रोक नहीं लगती है तो जंगल के संरक्षण को लेकर चिंता और बढ़ना स्वाभाविक है।
जिम्मेदार अफसरों से सवाल, स्पष्ट जवाब नहीं
मामले को लेकर जब रेंजर दिनेश कौशल, एसडीओ और डीएफओ करन सिंह रंधा से सवाल किए गए तो वे स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। इससे वन सुरक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की निगरानी को लेकर उठ रहे सवाल और गंभीर हो गए हैं।
वहीं PCCF (HoFF), मध्यप्रदेश से मामले को लेकर चर्चा की गई तो उन्होंने संबंधित स्थान की लोकेशन भेजने को कहा और मामले में कार्रवाई कराने की बात कही।
PCCF के निर्देश के बाद कार्रवाई का इंतजार
अब सवाल यह है कि वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद खाड़ी रेंज में वन कटाई और अतिक्रमण के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है। क्या जंगल में सक्रिय रूप से निगरानी बढ़ाई जाएगी और पेड़ों की कटाई के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
फिलहाल सामने आए विजुअल्स कई गंभीर सवाल छोड़ रहे हैं—जब जंगल में खुलेआम कुल्हाड़ियां चल रही हों और हरे पेड़ जमीन पर गिर रहे हों, तो वन सुरक्षा की निगरानी व्यवस्था आखिर कहां है? जंगल को बचाने के लिए जिम्मेदारी कब तय होगी और कार्रवाई कब होगी?




