मुंबई । अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों को 26 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। मुंबई पुलिस ने आरोपियों की नौ दिन की कस्टडी मांगी थी लेकिन कोर्ट ने उन्हें 26 अक्टूबर तक ही पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया। चारों आरोपियों को मुंबई के एस्प्लेनेड कोर्ट (किला कोर्ट) में पेश किया गया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने हथियारों से जुड़ी जानकारी और मोबाइल फोन की जांच के लिए आरोपियों को पुलिस हिरासत में रखने की जरूरत पर सवाल उठाए।

कोर्ट की सुनवाई के बारे में वकील अजिंक्य मिर्गल मधुकर ने कहा, "आरोपियों को दिल्ली से ट्रांजिट रिमांड पर यहां लाया गया था। उन्हें कस्टडी में कोर्ट के सामने पेश किया गया। पेश किए जाने पर उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें पुलिस के खिलाफ कोई शिकायत है या कुछ और कहना है। इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें कोई शिकायत नहीं है। हालांकि, एक मुद्दा जो सामने आया, वह यह था कि उन्होंने हथियार सप्लाई किए थे। फिर भी, रिमांड रिपोर्ट में इन हथियारों के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी गई थी, सिर्फ एक पिस्टल का जिक्र था। इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि पिस्टल देसी थी या विदेशी, न ही उसके टाइप के बारे में बताया गया था।"

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, "एक और मुद्दा जिस पर हमारे वकील ने भी बहस की। पिस्टल जैसा हथियार कोई मामूली चीज नहीं है। वह कोई पटाखे चलाने वाला खिलौना नहीं है, जिसे कोई बस बांट दे... अभियोजन ने बाद में बहस की कि चूंकि आरोपियों के मोबाइल फोन पहले ही जब्त कर लिए गए थे, जिनसे डेटा रिकवर किया जा सकता है। ऐसे में उनको फिजिकल कस्टडी में रखने की जरूरत नहीं है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, 26 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी की मंजूरी दे दी जबकि अपील 31 अक्टूबर तक कस्टडी के लिए की गई थी।"

बता दें कि टाइगर श्रॉफ की कार पर 18 अक्टूबर को शाम सात बजे फायरिंग हुई थी। उस समय अभिनेता फुटबॉल क्लब से निकलकर अपने घर की तरफ जा रहे थे। फायरिंग में टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बचे। हालांकि, उनके ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश की। इस सिलसिले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।