रायपुर। दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर विपक्षी दलों की ओर से सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कांग्रेस शासित प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के अलावा कई राज्यों के पूर्व सीएम भी इस रैली में हिस्सा लेंगे। पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने दावा किया कि यह रैली बहुत बड़ी और ऐतिहासिक होने वाली है। रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली ऐतिहासिक होगी, जिस पर देश-दुनिया की निगाहें रहेंगी। इस रैली के माध्यम से हम सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखेंगे।
उन्होंने कहा कि पहली मांग यह है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए। एसआईआर के तहत काटे गए 13 करोड़ मतदाताओं के नामों की प्रक्रिया निरस्त की जाए। इसके अलावा हमारी तीसरी मांग यह है कि देश में चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं।
कांग्रेस नेता ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के घुसपैठिए वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने फिर बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठाया, लेकिन सवाल है कि छत्तीसगढ़ में एसआईआर के दौरान काटे गए लगभग 25 लाख नामों में कितने बांग्लादेशी नागरिक थे। कितनों को पकड़ा गया और कितनों को डिपोर्ट किया गया। देश के विभिन्न राज्यों में एसआईआर हुए, कितने विदेशी नागरिक पकड़े गए? इनमें कितने बांग्लादेशी थे, कितने को डिपोर्ट किया गया।
उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर मैंने तीन अलग-अलग विधानसभा सत्रों में यह सवाल उठाया, लेकिन आज तक सरकार इसका जवाब नहीं दे पाई। भाजपा नेता बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं का डर दिखाते हैं, लेकिन सवाल यह है कि इसी बहाने देश के वास्तविक नागरिकों के वोट क्यों काटे जा रहे हैं। यह मामला सिर्फ वोटर आईडी तक सीमित नहीं है। भविष्य में सरकारी योजनाओं के लाभ और नागरिकता पर भी इसका असर पड़ सकता है।
इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने दावा किया है कि रैली में शामिल होने के लिए लाखों की तादात में लोग आएंगे। राहुल गांधी के साथ लोग सड़कों पर उतरेंगे। रामलीला मैदान में एक विशाल रैली होगी, जहां हम अपनी मांगों को उठाएंगे।

















