भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक विदाई (30 सितंबर) से ठीक 6 दिन पहले मौसम का एक बेहद मजबूत सिस्टम सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब (डिप्रेशन) अब एक शक्तिशाली मौसमी प्रणाली का रूप ले रहा है, जिसके अगले 24 घंटों में और अधिक गहराने की संभावना है। इसके प्रभाव से 25 और 26 सितंबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्से के अधिकांश जिलों में मूसलाधार से अति भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, गुरुवार को भी प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
गुरुवार को इन 10 जिलों में भारी बारिश का अनुमान; भोपाल-इंदौर समेत पूरे राज्य में बौछारें
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश के 10 प्रमुख जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है: भारी बारिश वाले 10 जिले: छतरपुर, पन्ना, सतना, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा। हल्की से मध्यम बारिश: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, धार, खरगोन, खंडवा, देवास, रतलाम, मंदसौर, रीवा, सागर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित शेष सभी जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बौछारें पड़ने के आसार हैं।
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बुधवार को इटारसी और भोपाल में बरसे बदरा, खरगोन मंडी में 200 क्विंटल मक्का भीगी
इससे पूर्व बुधवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदला रहा। राजधानी भोपाल में दिनभर रुक-रुककर हल्की से तेज बारिश का दौर जारी रहा। नर्मदापुरम के इटारसी में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। वहीं, खरगोन में अचानक हुई आधे घंटे की मूसलाधार बारिश के कारण अनाज मंडी के खुले प्रांगण में रखी लगभग 200 क्विंटल मक्का पानी में भीग गई, जिससे किसानों और व्यापारियों को नुकसान का सामना करना पड़ा। खंडवा और टीकमगढ़ जिलों में भी अच्छी वर्षा दर्ज की गई।
कोटे की 91.9% बारिश पूरी; सामान्य से अब भी 2.4 इंच पीछे चल रहा प्रदेश
मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में चालू मानसून सीजन (1 जून से 24 सितंबर) में अब तक औसतन 34.3 इंच (870.5 मिमी) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो कि इस अवधि की सामान्य बारिश 36.7 इंच (931.7 मिमी) की तुलना में 2.4 इंच कम है। यानी पूरे प्रदेश में अब तक ओवरऑल 7 प्रतिशत कम पानी गिरा है:
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पूर्वी मध्य प्रदेश: जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में औसतन महज 2% कम बारिश हुई है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश: इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से 11% कम बारिश दर्ज की गई है।
कोटा फुल करने वाले 23 जिले: छतरपुर, भोपाल, ग्वालियर, गुना, दतिया, भिंड, राजगढ़, शिवपुरी, शहडोल, पन्ना, अनूपपुर, सतना, उमरिया, टीकमगढ़, निवाड़ी और खरगोन सहित 23 जिलों में अब तक सामान्य से अधिक वर्षा हो चुकी है।
राजस्थान के कई जिलों से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि 25-26 सितंबर का यह मानसूनी स्पेल जाते-जाते मध्य प्रदेश के जलस्रोतों को पूरी तरह लबालब कर देगा।











