नई दिल्ली, 20 मई । बुधवार सुबह पूर्वी चीन सागर में 6.0 तीव्रता का तेज भूकंप आया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनएससी) ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि भूकंप का केंद्र 27.523 डिग्री उत्तर अक्षांश और 128.418 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। भूकंप के केंद्र की गहराई 33 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र जापान के नागासाकी शहर से लगभग 597 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम (एसएसडब्ल्यू) दिशा में पूर्वी चीन सागर में था। भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 8 बजकर 16 मिनट पर आया। फिलहाल किसी जान-माल की हानि या सुनामी की कोई खबर नहीं है, लेकिन इस क्षेत्र में कई द्वीप और तटीय इलाके होने के कारण स्थानीय प्रशासन सतर्क है।
इससे कुछ देर पहले भारतीय समयानुसार सुबह 7.33 पर हिंद महासागर में भी 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र 1.437 डिग्री उत्तर अक्षांश और 95.503 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। भूकंप की गहराई मात्र 10 किलोमीटर थी। यह स्थान भारत के अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कैंपबेल खाड़ी से लगभग 644 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व (एसएसई) दिशा में था।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर दोनों भूकंपों की विस्तृत जानकारी साझा की।
विशेषज्ञों के अनुसार, 6.0 तीव्रता का भूकंप मध्यम श्रेणी का माना जाता है। यदि यह जमीन के अंदर होता तो नुकसान हो सकता था, लेकिन समुद्र में होने के कारण इसका प्रभाव मुख्य रूप से समुद्री तरंगों तक सीमित रह सकता है। हिंद महासागर वाला 4.4 तीव्रता का भूकंप सामान्य श्रेणी में आता है और आमतौर पर इसे महसूस करना मुश्किल होता है।
भारत के अंडमान-निकोबार क्षेत्र में भूकंप की गतिविधि सामान्य मानी जाती है क्योंकि यह इंडियन प्लेट और बर्मा प्लेट के जोड़ पर स्थित है। पूर्वी चीन सागर भी भूकंप की दृष्टि से सक्रिय क्षेत्र है।
पिछले कुछ दिनों में भारत और आसपास के क्षेत्रों में हल्के भूकंपों की गतिविधि बढ़ी हुई है, जिससे वैज्ञानिक लगातार निगरानी रख रहे हैं।

