मंदसौर, ललित शंकर धाकड़ । मंदसौर के शासकीय नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं को मिलने वाली स्टाइपेंड राशि में लाखों रुपए की गड़बड़ी का मामला सामने आया है। मामले की शिकायत के बाद उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को सीएमएचओ कार्यालय पहुंचकर जांच शुरू की। टीम ने सीएमएचओ सहित संबंधित अकाउंटेंट से पूछताछ कर दस्तावेजों की जानकारी ली।
जानकारी के अनुसार नर्सिंग कॉलेज की 57 छात्राओं को मिलने वाले चार माह के स्टाइपेंड की करीब 7 लाख 98 हजार रुपए की राशि सीधे भोजनशाला ठेकेदार को दे दी गई। इतना ही नहीं, बाद में छात्राओं से 8060 रुपए की राशि भी वसूले जाने का मामला सामने आया है। जबकि नियमानुसार भोजनशाला ठेकेदार का तीन माह का बिल करीब 3 लाख 76 हजार रुपए ही बन रहा था।
मामले को लेकर शिकायत मिलने के बाद उज्जैन लोकायुक्त की टीम मंदसौर पहुंची और सीएमएचओ कार्यालय में जांच शुरू की। मंदसौर सीएमएचओ डॉ. जी.एस. चौहान ने बताया कि स्टाइपेंड गड़बड़ी की शिकायत को लेकर लोकायुक्त टीम जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर भी करीब एक माह पहले जांच के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था, लेकिन जांच अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण प्रक्रिया में देरी हुई।
वहीं उज्जैन लोकायुक्त डीएसपी राजेश पाठक ने बताया कि भोजनशाला में वित्तीय अनियमितता की शिकायत के आधार पर जांच प्रारंभ की गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

