सोल। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने रविवार को कैबिनेट बैठकों का सीधा प्रसारण बंद करने संबंधी मांग का एक बार फिर विरोध किया। उन्होंने कहा, "वह बैठकों के दौरान व्यक्त किए जाने वाले सभी विचारों को सुनने के पक्ष में हैं।"
ली की यह टिप्पणी उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दिए गए उस बयान के कुछ दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कैबिनेट बैठकों के सीधे प्रसारण को समाप्त करने की जरूरत से असहमति जताई थी। उन्होंने कैबिनेट सदस्यों की ओर से प्रसारण बंद करने की मांग किए जाने संबंधी हालिया मीडिया रिपोर्ट को 'झूठा दावा' बताया था।
राष्ट्रपति ने एक्स पर लिखा, "यह समझना मुश्किल है कि वे यह झूठ बोलकर कैबिनेट बैठकों के कुछ हिस्सों को सार्वजनिक करने का विरोध क्यों कर रहे हैं कि बैठकें सार्वजनिक होने के कारण कैबिनेट सदस्य अपनी बात नहीं रख सकते।"
योनहाप समाचार एजेंसी ने बताया कि उन्होंने इस मांग का विरोध करने वाला एक यूट्यूब प्रसारण भी साझा किया। इसमें ऐसे उदाहरण दिए गए थे, जिनमें ली ने कैबिनेट बैठकों के दौरान मंत्रियों के विरोधी विचारों को स्वीकार किया था।
ली ने कहा, "मैंने देश के मामलों पर विभिन्न विचारों को सुनने के लिए जानबूझकर प्रतिभागियों की संख्या काफी बढ़ाई है।"
उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा से बहस पसंद रही है और खासकर उन लोगों का सम्मान करते हैं, जो उनसे असहमत विचार रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी संगठन के भीतर समस्याओं को रोकने के लिए वह हमेशा विरोधी विचार रखने वाले लोगों की भूमिका पर जोर देते रहे हैं।
इससे पहले गुरुवार को दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री कार्यालय ने उस मीडिया रिपोर्ट का खंडन किया था, जिसमें दावा किया गया था कि सरकार के कुछ सदस्यों ने राष्ट्रपति की बातों का विरोध करने में कठिनाई होने की शिकायत की है, क्योंकि कैबिनेट बैठकों का सीधा प्रसारण किया जाता है।
दैनिक समाचार पत्र 'हांकुक इल्बो' ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि करीब 10 मंत्रियों ने इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री हान सियोंग-सुक के साथ रात्रिभोज के दौरान ऐसी शिकायतें की थीं। उन्होंने स्वस्थ नीतिगत चर्चा को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट बैठकों के सीधे प्रसारण को सीमित करने का अनुरोध किया था।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा, "सरकार इतिहास में पहली बार कैबिनेट बैठकों की चर्चाओं का सीधा प्रसारण कर रही है। इसका उद्देश्य सरकारी कामकाज को पारदर्शी तरीके से जनता के सामने रखना और सरकारी नीतियों में लोगों के विचारों को सक्रिय रूप से शामिल करना है।"
कार्यालय ने कहा कि कैबिनेट बैठकों में चर्चा के विषयों पर सदस्य स्वतंत्र रूप से अपने विचार रख रहे हैं और राष्ट्रपति भी उन्हें सक्रियता से स्वीकार कर रहे हैं।















